हालांकि, यदि किसी कर्मचारी के काम में अधिक व्यस्तता हो, तो उन्हें कार्यालय में रुकने का निर्देश भी दिया गया है। यह आदेश तेलंगाना की मुख्य सचिव शांति कुमारी द्वारा जारी किया गया है। 15 फरवरी को शांति कुमारी ने इस फैसले से संबंधित एक पत्र जारी किया, जिसमें बताया गया कि तेलंगाना सरकार ने राज्य में कार्यरत सभी सरकारी मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के पवित्र महीने के दौरान यह विशेष छूट दी है।
हालांकि, इस फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस आदेश को मुस्लिम समुदाय को खुश करने का प्रयास बताया। उनका आरोप था कि नवरात्रि जैसे हिंदू त्योहारों के दौरान हिंदू कर्मचारियों को इस प्रकार की कोई छूट नहीं दी जाती। मालवीय ने इसे वोट बैंक की राजनीति करार देते हुए विरोध करने की बात की।
BJP ने उठाए सवाल
BJP के वरिष्ठ नेता पी मुरलीधर राव ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप लगाए, कहां कि वे समाज के एक वर्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका कहना था कि रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों के लिए दी जा रही छूट अन्य धार्मिक त्योहारों, जैसे नवरात्रि या जैन त्योहारों के समय नहीं दी गई, जो इसे धार्मिक प्रथाओं का सम्मान नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा बनाता है।
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