फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, राहत और बचाव कार्य के लिए 11 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, “इमारत में अभी भी लोग फंसे हैं, आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास जारी है।”
बीआरएस नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने बताया, “अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 26 घायल अस्पताल में भर्ती हैं। फैक्ट्री के अंदर अभी भी 50–60 लोग हो सकते हैं। हमने सरकार से मृतकों के परिवार को 1 करोड़ और घायलों को 50 लाख रुपये मुआवज़ा देने की मांग की है। घायलों को तुरंत कॉरपोरेट अस्पतालों में भर्ती कराया जाना चाहिए।”
उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “यह हादसा इस बात का संकेत है कि यहां कुशल श्रमिकों की भारी कमी है, जिससे इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।”
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “श्रमिकों की मौत बेहद दुखद है। घायलों की गंभीर हालत देख कर मन व्यथित है।”
बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने भी घटना पर गहरा शोक जताया और सरकार से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ करने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा, “सभी औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया जाए और इस हादसे की गहन जांच कराई जाए।”
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