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पीएम मोदी के बिहार दौरे पर तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल, विकास को लेकर NDA की सरकार पर साधा निशाना

बिहार में विपक्षी नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर सवाल उठाए हैं और कई तीखे सवाल पूछे हैं.

पीएम मोदी के बिहार दौरे पर तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल, विकास को लेकर NDA की सरकार पर साधा निशाना
फोटो: Tejashwi Yadav, PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के भागलपुर जिले में अपने दौरे पर जाएंगे, जहां वे किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत 9.8 करोड़ किसानों के खाते में 22 हजार करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इस विशेष योजना के तहत किसानों को वित्तीय मदद देने का उद्देश्य उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को लेकर अब तक कई प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं। बिहार में विपक्षी नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर सवाल उठाए हैं और कई तीखे सवाल पूछे हैं, जो उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट एक्स पर साझा किए हैं।

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से किसानों और बिहार के विकास से जुड़े कुछ गंभीर सवाल पूछे हैं। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आज बिहार में हैं, जबकि उनकी एनडीए सरकार पिछले 20 वर्षों से बिहार में सत्ता में है और केंद्र में 11 वर्षों से भाजपा की सरकार है। बिहारवासी अब झूठ और जुमले नहीं, बल्कि असली सवाल पूछना चाहते हैं।" 

तेजस्वी यादव ने निम्नलिखित सवाल उठाए:


1. प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन अब 2025 आ चुका है और किसानों की आय तो दोगुनी नहीं हुई, उल्टा महंगाई और बेरोजगारी के कारण उनकी आय घटने लगी है। इसका जिम्मेदार कौन है?
2. बिहार में किसानों की समस्याएं और चुनौतियां बाकी राज्यों से अलग हैं। यहां अधिकतर खेतिहर मजदूर और बटाईदार हैं। क्या डबल इंजन सरकार ने इनके लिए कोई विशेष कदम उठाए हैं?
3. बिहार के किसानों की आय देश में सबसे कम क्यों है? इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री जी से जवाब चाहिए।
4. बिहार में साक्षरता दर सबसे कम क्यों है? जब शिक्षा पर ध्यान देने की बात आती है, तो बिहार क्यों पिछड़ जाता है? 
5. बिहार में प्रति व्यक्ति निवेश सबसे कम क्यों है? राज्य में निवेश के लिए प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? 
6. केंद्र की पीएम श्री मेगा टेक्सटाइल पार्क योजना के तहत बिहार को टेक्सटाइल पार्क क्यों नहीं मिला, जबकि यह राज्य एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है? 
7. 20 वर्षों की एनडीए सरकार के बाद भी बिहार में गरीबी और बेरोजगारी क्यों अधिक है? क्यों बिहार अभी भी विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ है? 
8. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज का क्या हुआ? क्या यह सिर्फ चुनावी वादे थे, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई? 
9. प्रधानमंत्री जी ने 2014 में मोतिहारी की चीनी मिल शुरू करने का वादा किया था और वहां की चीनी से चाय पीने का भी वादा किया था। अब बताएं कि वह मोतिहारी की चीनी मिल से चाय कब पिएंगे?10. प्रधानमंत्री जी बताएं कि वह कब मधुबनी, सारण, गोपालगंज, नवादा और मुज़फ़्फ़रपुर की बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करेंगे, जो लाखों लोगों को रोजगार प्रदान कर सकती थीं? 
11. प्रधानमंत्री जी बताएं कि कटिहार में जूट मिल कब शुरू करेंगे? क्या राज्य में रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे? 
12. बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कदम उठाए हैं? वे कब रेलवे और आर्मी में बेरोजगारों को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू करेंगे? 
13. महागठबंधन की बिहार सरकार द्वारा पारित 65% आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की दिशा में प्रधानमंत्री जी ने क्यों कोई कदम नहीं उठाया? 
14. प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराई? यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, और इसका सही आंकलन बेहद जरूरी है। 
15. बिहार से सबसे अधिक पलायन होता है। प्रधानमंत्री जी ने बिहार से पलायन रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं? क्या उन्होंने राज्य में रोजगार सृजन की दिशा में कोई विशेष योजना बनाई है? 

 तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि चुनावी वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिहार और बिहारियों की चिंता सताती है, लेकिन यह चिंता अक्सर चुनाव के समय ही क्यों महसूस होती है? 11 वर्षों से प्रधानमंत्री और 20 वर्षों से बिहार में एनडीए सरकार होने के बावजूद राज्य को किसी भी खास लाभ की उम्मीद नहीं दिखाई देती। बिहारवासी अब झूठ, जुमले और प्रचार से थक चुके हैं। वे ठोस विकास और वास्तविक बदलाव की उम्मीद करते हैं। बिहारवासी यह नहीं चाहते कि प्रधानमंत्री मोदी चुनावी मौसम में उनकी याद आए, बल्कि वे चाहते हैं कि सरकार उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए। तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार के लोग अब विकास, रोजगार और सच्चे बदलाव के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और उन्हें विश्वास है कि बिहार की असली समस्याओं का समाधान तभी होगा जब सरकार इन्हें गंभीरता से लेकर काम करेगी।

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