पिछले महीने कोर्ट ने किया था तलब
गौरतलब है कि इसी मामले में पिछले महीने राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेज प्रताप यादव, बेटी हेमा यादव और अन्य आरोपियों को तलब किया था। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ भी नया समन जारी किया था। कोर्ट ने आरोपियों को 11 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया था।
सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने इस मामले में 78 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला?
यह मामला वर्ष 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री के पद पर थे। आरोप है कि इस दौरान भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेलवे जोन, जबलपुर (मध्य प्रदेश) में ग्रुप 'डी' के पदों पर नियुक्ति के बदले लोगों से जमीन ली गई।
सीबीआई के मुताबिक, लालू प्रसाद के कार्यकाल के दौरान उम्मीदवारों से या तो उनके नाम पर या उनके परिवारजनों के नाम पर जमीन हस्तांतरित करवाई गई और बदले में रेलवे में नौकरी दी गई। यह जमीन कथित रूप से बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर हस्तांतरित की गई थी।
सीबीआई ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी, बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों सहित कुल 78 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वर्ष 2022 में सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अगली सुनवाई आगामी महीने होगी। फिलहाल कोर्ट ने तेज प्रताप यादव और अन्य आरोपियों को राहत देते हुए 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है।
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