मालीवाल ने याद दिलाया कि 2022 के पंजाब चुनाव के दौरान केजरीवाल ने एक दलित उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद यह वादा अधूरा ही रहा। उन्होंने कहा, "अब, जब दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने का समय आया है, तो मेरा आपसे अनुरोध है कि पार्टी के दलित समाज से आने वाले एक विधायक को इस पद पर नियुक्त करें।" सांसद ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं होगा, बल्कि पार्टी के मूल सिद्धांतों को निभाने की दिशा में एक साहसिक कदम होगा। "यह वक्त है कि आप सिर्फ बातों तक सीमित न रहें, बल्कि समानता और न्याय की राजनीति को जमीन पर उतारें," मालीवाल ने लिखा। उन्होंने आगाह किया कि पंजाब वाली वादाखिलाफी को दिल्ली में न दोहराया जाए और एक ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए।
AAP को दिल्ली में लगा झटका
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सत्तारूढ़ पार्टी को केवल 22 सीटें मिलीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीटों पर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ बीजेपी ने 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की। दिल्ली के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के नाम तय करने के लिए बीजेपी आज अपने शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेगी। शपथ ग्रहण समारोह 20 फरवरी को रामलीला मैदान में आयोजित होगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, एनडीए नेता, केंद्रीय मंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियां समारोह में शिरकत करेंगी।
समारोह की शुरुआत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगी, जिसमें संगीत और गीतों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। लगभग 30,000 मेहमानों को इस भव्य आयोजन में आमंत्रित किया गया है। आरएसएस के नेता, आध्यात्मिक गुरु, उद्योगपति, मशहूर हस्तियां, भाजपा के अन्य राज्यों से आए नेता और कार्यकर्ता भी समारोह का हिस्सा होंगे।
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