बेरिकेडिंग तुरंत हटाये
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुइयाँ ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि सरकार तुरंत सीमा से बेरिकेडिंग हटाये। कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने हरियाणा सरकार को इस मामले पर हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने हरियाणा सरकार का पक्ष रखने वाले वकील से कहा, “मुझे लगता है कि आप सड़क मार्ग से यात्रा नहीं करते, कोई इतने लंबे समय तक सड़क मार्ग बंद कैसे कर सकता है।” वहीं हरियाणा सरकार कोर्ट में दायर हलफनामे में यह कह सकती है कि यदि बैरिकेड हटाकर रास्ता खोल दिया गया और किसानों ने दिल्ली जाने की जिद नहीं छोड़ी तो हटाये गए बैरिकेड फिर लगाने पड़ेंगे।
हाईकोर्ट ने भी सीमा खोलने के दिए थे निर्देश
10 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी हरियाणा सरकार को शंभू बॉर्डर खोलने के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था, “राज्य को जाग जाना चाहिए, सीमा को हमेशा के लिए बंद नहीं किया जा सकता। जिसको लेकर हरियाणा सरकार ने कहा था कि अभी भी सीमा पर 400 से 500 किसान मौजूद है। अगर बॉर्डर खोला गया तो किसान अंबाला में प्रवेश करके एसपी दफ्तर का घेराव कर सकते है।
सरकार के इस बयान पर न्यायमूर्ति संधावालिया ने कहा था, "वर्दी वाले उनसे नहीं डर सकते, हम लोकतंत्र में रह रहे हैं, किसानों को हरियाणा में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता, उन्हें घेराव करने दीजिए।" कोर्ट ने कहा था कि हरियाणा सरकार ने किसानों को रोकने के लिए जो तरीका अपनाया है कि उस से बहुत असुविधा हो रही है। बसों और अन्य परिवहन के जाने का कोई रास्ता नहीं हैं, जिससे आम जनता को बहुत असुविधा हो रही है।”
वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट के फैसले के बाद किसान संगठन भी रणनीति बनाने में जुटे है। किसान संगठनों ने 13 जुलाई को संयुक्त बैठक कर फैसला लेने की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार किसान बॉर्डर खुलने के बाद फिर से दिल्ली कूच कर सकते है।





