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"भारत-पाक तनाव पर बोले सुधांशु त्रिवेदी: 'पाकिस्तान में विपक्ष सेना के खिलाफ नहीं, यहां क्यों?'"

उन्होंने विपक्ष के कुछ नेताओं के बयानों को सेना का मनोबल गिराने वाला बताते हुए उनकी तुलना "फिफ्थ कॉलम" (देश के भीतर छिपे दुश्मनों) से कर डाली।

"भारत-पाक तनाव पर बोले सुधांशु  त्रिवेदी: 'पाकिस्तान में विपक्ष सेना के खिलाफ नहीं, यहां क्यों?'"
फोटो: "भारत-पाक तनाव पर बोले सुधांशु त्रिवेदी: 'पाकिस्तान में विपक्ष सेना के खिलाफ नहीं, यहां क्यों?'"
पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक ओर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है, वहीं देश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने विपक्ष के कुछ नेताओं के बयानों को सेना का मनोबल गिराने वाला बताते हुए उनकी तुलना "फिफ्थ कॉलम" (देश के भीतर छिपे दुश्मनों) से कर डाली।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत के विपक्षी नेता ऐसे समय में सेना और सरकार पर सवाल उठाकर देश के भीतर अस्थिरता फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का एक भी विपक्षी नेता अपनी सेना के खिलाफ इस तरह का बयान नहीं देता। वहां के नेता अपनी सेना का मनोबल नहीं गिराते। लेकिन भारत में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के कई नेता ठीक इसका उल्टा कर रहे हैं।” 

त्रिवेदी ने दावा किया कि भारतीय विपक्षी नेताओं के बयान पाकिस्तान की मीडिया में प्रमुखता से दिखाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि "पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर भारत के विपक्षी नेताओं — जैसे सिद्धारमैया, चरणजीत सिंह चन्नी — के बयान चलाए जा रहे हैं। वहां के विश्लेषक कह रहे हैं कि भारत में मोदी के खिलाफ एक धड़ा है जो हमारे (पाकिस्तान के) साथ खड़ा है।"

बीजेपी सांसद ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के हालिया विवादास्पद बयान पर भी हमला बोला। अजय राय ने एक खिलौना विमान को 'राफेल' बताते हुए उस पर नींबू-मिर्च लटकाकर सरकार पर तंज कसा था। राय ने पूछा था कि “राफेल आए हैं, लेकिन वह हैंगर में खड़े हैं और उन पर नींबू-मिर्ची लटकाई गई है। सरकार आतंकवाद के खिलाफ कब सख्त कार्रवाई करेगी?” बयान पर विवाद बढ़ने के बाद अजय राय ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रतीकात्मक तौर पर यह सवाल उठाया कि आतंकी हमलों के बाद सरकार की ओर से जवाबी कार्रवाई कब होगी। उन्होंने कहा, “राफेल कोई खिलौना नहीं है। मैं असली राफेल यहां नहीं ला सकता। देश की जनता को उस पर पूरा भरोसा है। मेरी बात का आशय यह था कि अब देश ठोस कार्रवाई चाहता है।”