दूसरी तरफ़, सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भी सीएम पद की दावेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया। सैलजा ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान का होगा। वरिष्ठता, काम और सभी चीज़ों के आधार पर सैलजा ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि पार्टी हाईकमान उनकी दावेदारी को नज़रअंदाज़ नहीं करेगा। इसके अलावा ख़बर है कि राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के मुख्यमंत्री पद की दावेदार करने के सवाल पर हुड्डा ने कहा था कि राजनीति में हर किसी को अपनी आकांक्षा ज़ाहिर करने का अधिकार है। मुख्यमंत्री पद के लिए एक तय प्रक्रिया होती है। पार्टी आलाकमान फैसला करेगा और वह सर्वमान्य होगा।
बिना मुख्यमंत्री चेहरे के कांग्रेस का चुनाव अभियान
कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा चुनाव में बिना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए प्रचार किया था। हालांकि, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले दो बार सीएम रह चुके हैं और तीसरी बार के लिए भी मजबूत दावेदार हैं। कुमारी सैलजा मतदान से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुकी हैं। मतदान से दो दिन पहले कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंची थी। दोनों के बीच क़रीब आधे घंटे बातचीत हुई। दोनों नेताओं की मुलाकात ने हरियाणा की राजनीति में एक अलग ही हलचल मचाई हुई है। अब सुरजेवाला भी जल्द ही हाईकमान के साथ मुलाक़ात कर सकते हैं।
गौर करने वाली बता यह है कि कांग्रेस हाईकमान की तरफ़ से हुड्डा को हरियाणा की राजनीति में बड़े निर्णय लेने के लिए समर्थन दिया जाता रहा है। यही कारण है कि हुड्डा अपने समर्थक चौधरी उदयभान को प्रदेश अध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे। प्रदेश के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में टिकट बँटवारे को लेकर हुड्डा की ही चली है, जिसका आरोप सैलजा भी लगा चुकी है। चुनाव उम्मीदवारों के तौर पर ज्यादातर उनके ही समर्थकों को टिकट मिले है।





