लखनऊ की जमीन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक पर अफजाल अंसारी का बयान
अफजाल अंसारी ने लखनऊ में अंसारी परिवार के नाम दर्ज जमीन पर पीएम आवास योजना के तहत निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह जमीन मेरे पिता शुभानुल्लाह अंसारी ने खरीदी थी और बाद में मेरी मां के नाम वसीयत हुई। मां के निधन के बाद यह जमीन मेरे भाई के बेटों, अब्बास और उमर अंसारी को मिली। हमारे पास सारे कागजात हैं, जो हमारी कानूनी स्थिति को साबित करते हैं।"
कुंभ मेले के खर्च पर सवाल उठाते हुए अफजाल अंसारी
अफजाल अंसारी ने कुंभ मेले के आयोजन पर होने वाले खर्च पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "कुंभ मेले का खर्च क्यों कई गुना बढ़ा दिया गया? सरकार अपने चहेते ठेकेदारों को इस आयोजन से फायदा पहुंचा रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि साधु-संतों ने भी इस बढ़े हुए खर्च को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। अफजाल अंसारी ने गाजीपुर में ईडी की जांच के बारे में भी बयान दिया। उन्होंने बताया कि ईडी की टीम पूर्वांचल कॉर्पोरेटिव बैंक के चेयरमैन और डायरेक्टर्स द्वारा किए गए घपले-घोटाले की जांच करने आई थी। उन्होंने दावा किया कि ईडी ने उनसे 5 बार, लगभग 62 घंटे तक पूछताछ की, लेकिन जांच में कुछ भी गलत नहीं पाया गया। अफजाल अंसारी ने कहा, "हम पर साजिश के तहत झूठे आरोप लगाए गए थे। अगर ईमानदारी से जांच होती तो बड़े-बड़े चेहरों का पर्दाफाश होता।"
भूमाफियाओं पर कार्रवाई को लेकर अफजाल अंसारी की प्रतिक्रिया
अफजाल अंसारी ने सरकार की भूमाफियाओं और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह सरकार माफियाओं और भूमाफियाओं पर एक्शन लेने का दावा कर रही है, लेकिन वर्तमान तंत्र में सबसे बड़ा भूमाफिया तो वही है, जो रजिस्टर्ड जमीनों को हथिया कर उन पर निर्माण करवा रहा है। कोर्ट ने सरकार को आईना दिखाया है।" कुंभ मेले की जमीन को वक्फ संपत्ति बताए जाने पर अफजाल अंसारी ने कहा, "मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। कुंभ का आयोजन धर्म और आस्था से जुड़ा मामला है। यह हर 6 और 12 साल पर होता है। यह परंपरा पूर्व की सरकारों ने भी भव्य तरीके से निभाई है। हालांकि, इस बार यह सवाल जरूर उठ रहा है कि खर्च क्यों बढ़ा दिया गया।"





