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रूस-यूक्रेन युद्ध पर शशि थरूर ने मानी गलती, भाजपा बोली- क्या कांग्रेस उन पर कार्रवाई करेगी?

पूनावाला ने कहा, "थरूर ने स्वीकार किया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कांग्रेस की नीति गलत थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार की विदेश नीति |

रूस-यूक्रेन युद्ध पर शशि थरूर ने मानी गलती, भाजपा बोली- क्या कांग्रेस उन पर कार्रवाई करेगी?
फोटो: रूस-यूक्रेन युद्ध पर शशि थरूर ने मानी गलती, भाजपा बोली- क्या कांग्रेस उन पर कार्रवाई करेगी?
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में अपने एक बयान में यह स्वीकार किया कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के समय भारत की कूटनीतिक स्थिति की उन्होंने जो आलोचना की थी, वह अब उनके लिए शर्मिंदगी का विषय बन गई है। उन्होंने यह भी माना कि भारत की तटस्थ विदेश नीति ने देश को एक अनूठी स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां वह रूस और यूक्रेन दोनों के साथ मित्रवत संबंध बनाए रखने में सफल रहा है। उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उम्मीद है, कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस स्वीकारोक्ति के लिए थरूर के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करेंगे।

शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि शशि थरूर ने कांग्रेस के उस रुख को गलत ठहराया है, जिसमें उसने भारत की विदेश नीति की आलोचना की थी। पूनावाला ने कहा, "थरूर ने स्वीकार किया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कांग्रेस की नीति गलत थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार की विदेश नीति पूरी तरह सही थी। आज भारत की स्थिति ऐसी है कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यहां तक कि अमेरिका के नेताओं से भी सहजता से बातचीत कर सकता है।"

पूनावाला का यह बयान रायसीना डायलॉग 2025 में शशि थरूर द्वारा की गई टिप्पणियों के संदर्भ में आया, जहां थरूर ने भारत की वर्तमान विदेश नीति की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि जब 2022 में युद्ध शुरू हुआ था, तब उन्होंने संसद में भारत की स्थिति की आलोचना की थी, लेकिन अब तीन साल बाद उन्हें अपनी उस आलोचना पर खेद महसूस हो रहा है। थरूर ने अपने पुराने रुख के बारे में बोलते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन, एक संप्रभु राष्ट्र की सीमाओं का अतिक्रमण और बल प्रयोग की अस्वीकार्यता जैसे सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने रूस के आक्रमण की निंदा की थी। उन्होंने कहा, "हम हमेशा से इस सिद्धांत के समर्थक रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को हल करने के लिए बल प्रयोग नहीं होना चाहिए, और उन सभी सिद्धांतों का उल्लंघन एक पक्ष द्वारा किया गया था। हमें इसकी निंदा करनी चाहिए थी।"

हालांकि, उन्होंने आगे स्वीकार किया कि भारत की उस समय की नीति ने देश को एक अनूठी स्थिति में ला खड़ा किया है। उन्होंने कहा, "तीन साल बाद, मैं शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं, क्योंकि अब साफ हो गया है कि भारत की विदेश नीति इतनी संतुलित थी कि प्रधानमंत्री मोदी रूस और यूक्रेन दोनों के नेताओं को गले लगा सकते हैं। इससे भारत को एक ऐसी स्थिति मिली है, जहां वह स्थायी शांति की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।" गौरतलब है कि रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण किया था, जिसके बाद से अमेरिका सहित कई पश्चिमी देश रूस की आलोचना करते रहे हैं। वहीं, भारत ने इस मुद्दे पर अपनी संतुलित नीति बनाए रखी, जिससे उसे दोनों पक्षों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का लाभ मिला है। हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ "उत्पादक बातचीत" की और युद्धविराम के प्रयासों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।

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