हालांकि, हरियाणा से पंजाब की ओर जाने वाली सड़क पर अभी भी ड्रिलिंग का कार्य जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर और मशीनें लगी हुई हैं। सड़क को पूरी तरह से ठीक करने में कुछ और समय लग सकता है, लेकिन कार्य तेज़ी से चल रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पुलिस की निगरानी में यह कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है।
DIG मंदीप सिंह सिंधु का बयान
DIG पटियाला रेंज मंदीप सिंह सिंधु ने किसान आंदोलन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसान फिर से आंदोलन शुरू करते हैं, तो पुलिस पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि खनौरी बॉर्डर से किसानों को हटाने की योजना को 'क्लीन स्विप' के तहत लागू किया गया था। अब हरियाणा से बधाई के फोन आ रहे हैं, और किसान भी इस कदम को सही मानते हुए प्रशासन के काम को सराह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान यह मानते हैं कि प्रदर्शनकारी किसानों को हटाकर प्रशासन ने अच्छा काम किया है क्योंकि इससे आम जनता को हो रही परेशानियों में काफी कमी आई है। DIG सिंधु के अनुसार, शंभू बॉर्डर का एकतरफा मार्ग खोल दिया गया है, जबकि खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन का बड़ा केंद्र था, जहां प्रमुख नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी मौजूद थे।
बुधवार रात को खनौरी बॉर्डर से किसानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें शुरुआत में लगभग 600 किसान वहां मौजूद थे। इनमें से 400 से अधिक किसानों को डिटेन किया गया, और उनके ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को एक सुरक्षित स्थान पर रख लिया गया है। किसानों को अपने वाहनों को वापस लेने के लिए दस्तावेज़ और गवाह के साथ आना होगा। DIG सिंधु ने बताया कि इस पूरे निष्कासन प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने पूरी तरह शांतिपूर्वक तरीके से कार्य किया, और किसानों ने भी इस दौरान पुलिस का पूरा सहयोग किया। इस शांतिपूर्वक निष्कासन के बावजूद, प्रशासन ने पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए समुचित सुरक्षा व्यवस्था की है।
प्रशासन की यह कार्रवाई राज्य में सामान्य जीवन को बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, और अब लोगों को उन परेशानियों से राहत मिल रही है जो पिछले कुछ महीनों से इन बॉर्डर्स के बंद होने के कारण पैदा हो रही थीं।





