‘RSS देश की विविधता मिटाने की कोशिश कर रहा’
राहुल गांधी ने कहा, "आरएसएस का उद्देश्य देश की अन्य सभी संस्कृतियों, परंपराओं और इतिहास को मिटाना है। वे चाहते हैं कि देश में सिर्फ एक विचारधारा हावी हो।" उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों की शिक्षा प्रणाली को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, "भारत को राज्यों का संघ इसलिए कहा जाता है क्योंकि प्रत्येक राज्य की अपनी विशिष्ट परंपरा, इतिहास और भाषा होती है। हमें इन मतभेदों का सम्मान करना चाहिए और इन्हें समझना चाहिए।"
‘तमिल संस्कृति और इतिहास पर हमला’
राहुल गांधी ने विशेष रूप से तमिलनाडु का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की संस्कृति, भाषा और इतिहास हजारों साल पुराना है। उन्होंने कहा, "तमिल लोगों की समृद्ध परंपरा और इतिहास को खत्म करने की कोशिश करना उनका अपमान है। यही आरएसएस अन्य राज्यों में भी करने की कोशिश कर रही है।" कांग्रेस नेता ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' का समर्थन दोहराते हुए कहा कि उनकी पार्टी हर राज्य, हर भाषा और हर संस्कृति का सम्मान करती है। उन्होंने कहा, "हम अपने घोषणापत्र में पहले ही कह चुके हैं कि शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाया जाएगा। हम आरएसएस की विचारधारा को नहीं मानते और न ही इसे स्वीकार करेंगे।"
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बुधवार को कर्नाटक सरकार ने विपक्ष शासित राज्यों के उच्च शिक्षा मंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इसमें कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और झारखंड के मंत्रियों ने यूजीसी के "दमनकारी" मसौदे के खिलाफ 15 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया। राहुल गांधी ने कहा, "आरएसएस को यह समझने की जरूरत है कि वे संविधान, राज्यों की पहचान, संस्कृतियों, परंपराओं और इतिहास पर हमला नहीं कर सकते। यह देश उनकी संकीर्ण विचारधारा को कभी स्वीकार नहीं करेगा।"
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