न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति एस.एम. मोदक की खंडपीठ ने मामले में राज्य और शिकायतकर्ताओं को औपचारिक नोटिस जारी किया और मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 16 अप्रैल, 2025 को अपराह्न 2:30 बजे का समय निर्धारित किया। इस दौरान बेंच ने कामरा का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नवरोज़ सीरवाई से मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें दी गई अंतरिम सुरक्षा के बारे में भी पूछा। सीरवाई ने जवाब दिया, "मद्रास उच्च न्यायालय ने 17 अप्रैल तक अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी है, लेकिन हम एफआईआर को रद्द करने को लेकर चिंतित हैं। मुझे लगता है कि इसके बिना आगे बढ़ना गैर-जिम्मेदार होगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि उनके मुवक्किल ने सामने आने वाले खतरे को देखते हुए तीन बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान देने की पेशकश की थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने शारीरिक उपस्थिति पर जोर दिया है। "यह कोई हत्या का मामला नहीं है, यह एक कॉमेडी शो है, जिसका वीडियो उनके पास उपलब्ध है। मेरे मुवक्किल को मिली जान से मारने की धमकियों पर विचार करना चाहिए," सीरवाई ने कहा।
अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) मनकुंवर देशमुख ने मामले को 22 अप्रैल के लिए स्थगित करने की मांग की, लेकिन बेंच ने इसे खारिज करते हुए 16 अप्रैल को मामले की सुनवाई तय की। अदालत ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई के दौरान यह विचार किया जाएगा कि मामले में कामरा की शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है या नहीं।





