आम आदमी पार्टी (आप) ने रेलवे टिकटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में प्रचार किए जाने पर आपत्ति जताई है। पार्टी का आरोप है कि पीएम मोदी इस सैन्य ऑपरेशन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रचार के लिए कर रहे हैं, जबकि इस तरह के ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना था। आप ने इसे पीएम मोदी की "छपास" राजनीति के तौर पर देखा और कहा कि यह गलत है।
आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा, "सेना और ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर अपना प्रचार कर रहे महामानव"। पार्टी ने यह टिप्पणी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की। आप ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी आतंकवादियों को एक कड़ा सबक सिखाया और इस दौरान पूरा देश अपनी सेना के साथ खड़ा था। फिर, प्रधानमंत्री मोदी ने इस राष्ट्रव्यापी समर्थन को अपनी प्रचार राजनीति का हिस्सा बना लिया है। आप ने यह सुझाव दिया कि अगर किसी की तस्वीर टिकट पर लगानी है, तो वह भारतीय सेना के प्रमुखों, कर्नल सोफिया कुरैशी या विंग कमांडर व्योमिका सिंह की होनी चाहिए, जो इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल थीं।
पार्टी ने अपनी पोस्ट के साथ एक रेलवे टिकट की तस्वीर भी साझा की, जिसे एक यात्री ने भोपाल से झांसी तक बुक किया था। इस टिकट में प्रधानमंत्री मोदी की एक तस्वीर थी, जिसमें वह सैल्यूट करते हुए नजर आ रहे थे, और उसके नीचे लिखा था, "ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है।" यह टिकट राजनीतिक मुद्दे का केंद्र बन गया क्योंकि आम आदमी पार्टी ने इसे एक अवसरवादी प्रचार बताया।
हालांकि, आप ने यह स्पष्ट किया कि उसने टिकट के कुछ निजी हिस्से साझा नहीं किए हैं, ताकि यात्री की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहे। पार्टी ने यह आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस सैन्य उपलब्धि का इस्तेमाल अपने प्रचार के लिए किया, जबकि इस सफलता का वास्तविक श्रेय भारतीय सेना को जाता है।
इस मुद्दे पर विवाद बढ़ता जा रहा है, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने इसे एक गंभीर मामला बताया है, जिसमें सेना के शौर्य को राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी और अन्य सरकार समर्थक पार्टी इस आरोप को खारिज करते हुए इसे देशहित में उठाया गया एक अहम कदम मानती हैं।





