सरकार एक गतिशीलता प्रणाली पर काम कर रही है
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एक गतिशीलता प्रणाली पर काम कर रही है, जो न केवल अर्थव्यवस्था को समर्थन दे सके, बल्कि जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता भी कम कर सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' पहल ने ऑटो उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस पहल को उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से भी बढ़ावा मिला है, जिससे इस क्षेत्र में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई है। इस योजना के तहत ऑटोमोबाइल क्षेत्र में 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "यात्रा को सरल और सुलभ बनाना भारत सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। पिछले बजट में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।" उन्होंने बताया कि मल्टी-लेन और राजमार्गों का नेटवर्क भी तेजी से विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का मोटर वाहन उद्योग शानदार और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछले वर्ष भारत के मोटर वाहन उद्योग में 12 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, और इस क्षेत्र का निर्यात भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। इस क्षेत्र में निवेश के लिए कॉरपोरेट्स को प्रोत्साहित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ते मध्यम वर्ग, तेजी से शहरीकरण, उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे का विकास और किफायती वाहनों की उपलब्धता ऑटोमोबाइल क्षेत्र को और गति देंगे।
पांच दिवसीय एक्सपो तीन स्थानों पर
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास गतिशीलता के लिए एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में बैटरी भंडारण प्रणाली में निवेश करने का यह सही समय है।
पांच दिवसीय एक्सपो तीन स्थानों - दिल्ली के भारत मंडपम और यशोभूमि तथा ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट - में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ऑटोमोबाइल उत्पाद, घटक, इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स, टायर और ऊर्जा भंडारण निर्माताओं से लेकर ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर फर्मों और सामग्री पुनर्चक्रणकर्ताओं तक 100 से अधिक नए उत्पाद लॉन्च होने की उम्मीद है।
17-22 जनवरी तक आयोजित होने वाले भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025, मोबिलिटी इकोसिस्टम की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को एक छत के नीचे लाएगा। इसमें ऑटोमोबाइल निर्माताओं से लेकर घटक उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स भाग, टायर और ऊर्जा भंडारण निर्माताओं, ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर फर्मों और सामग्री पुनर्चक्रणकर्ताओं तक का समावेश होगा।
Read This Also:- 'ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के साथ क्या गलत हुआ?' कोर्ट में जज का सवाल
Read This Also:- 'ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के साथ क्या गलत हुआ?' कोर्ट में जज का सवाल





