मोदी ने किसानों का अपमान किया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करता हुए कहा, “जिस परजीवी शब्द का इस्तेमाल उन्होंने किया है , दो साल पहले किसानों के लिए भी किया था। मोदी ने किसानों के संघर्ष का अपमान किया था। आज वही शब्द उन्होंने कांग्रेस के लिए किया है लेकिन यह कांग्रेस पार्टी के लिए कोई गाली नहीं बल्कि किसानों के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन का बलिदान देना हमारे लिए गर्व की बात हैं।”
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के ‘बालक बुद्धि’ वाले बयान पर कहा, “ये सब बाते इसलिए कही जा रही हैं ताकि कोई नीट पर सवाल न पूछे। जो लोग बालक बुद्धि कह रहे हैं वे खुद बालक हैं क्योंकि जब लोगों ने किसी को चुन लिया है तो ऐसी टिप्पणियाँ नहीं करनी चाहिए। इस सरकार में ऐसे बालक हैं जो अभी भी देश की समस्याओं को समझने के लिए सक्षम नहीं हैं।”
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, “राहुल गांधी का तीर सही जगह लगा है। हिंदू धर्म कभी हिंसा नहीं कर सकता प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी के लोग लगातार झूठ फैला रहे है। मैंने पीएम मोदी का भाषण सुना और इससे पता चलता है कि वो क्या हो गए है।” कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चीन के बारे में, जम्मू में आतंकी हमलों के बारे में और नए आपराधिक कानून को लागू करने में खामियों के बारे कुछ नहीं बोले, इसलिए उनके भाषण का कोई सार नहीं है।
शिवसेना(यूबीटी) के अख़बार ‘सामना’ ने अपने संपादकीय में राहुल गांधी की तारीफ करते हुए लिखा, “एक अकेला राहुल नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर भरी पड़ गए। अख़बार ने लिखा कि राहुल गांधी ने मोदी और शाह के हिंदुत्व वाले मुखौटे को उतार दिया, जिसके लिए राहुल गांधी प्रशंसा के लायक है।
बीजेपी का पूर्व में समर्थन करने वाली पार्टी शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में देश के लोगों के बारे में बात करने में विफल रहे। उनके भाषण का अधिकतम हिस्सा एक व्यक्ति पर केंद्रित था। करीब दो घंटे तक उन्होंने सिर्फ राहुल गांधी के बारे में बात की। ऐसे में देश की बात कौन करेगा? देश बेरोजगारी, किसानों के मुद्दों और बढ़ती महंगाई के संबंध में उनके नजरिये के बारे में जानना चाहता था।”





