Molitics Logo
होम बिहार मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, BJP कोटे से 5 नए मंत्री, जातीय संतुलन पर फोकस

बिहार मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, BJP कोटे से 5 नए मंत्री, जातीय संतुलन पर फोकस

नवल किशोर यादव – मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जीवेश कुमार और अनिल शर्मा – इनमें से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है कविता देवी – महिला प्रतिनिधित्व |

बिहार मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, BJP कोटे से 5 नए मंत्री, जातीय संतुलन पर फोकस
फोटो: Bihar cabinet expansion
बिहार में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होने की संभावना है। इस विस्तार के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) कोटे से चार से पांच नए विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि एक-दो मौजूदा मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया जा सकता है। दो दिवसीय बिहार दौरे पर पहुंचे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को राजकीय अतिथिशाला में पार्टी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर गहन चर्चा की।

कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी


फिलहाल 30 सदस्यीय बिहार कैबिनेट में BJP कोटे से दो उपमुख्यमंत्री समेत कुल 15 मंत्री हैं। इनमें से राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। BJP के "एक व्यक्ति, एक पद" के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए, संभावना जताई जा रही है कि दिलीप जायसवाल मंत्री पद छोड़ सकते हैं। इसके अलावा, एक अन्य मंत्री को भी कैबिनेट से हटाने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, BJP से चार या पांच नए विधायकों को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। 

इस मुद्दे पर जेपी नड्डा ने पार्टी नेताओं से चर्चा की और संभावित नामों पर मंथन किया। अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति मिल जाती है, तो मंत्रिमंडल विस्तार 27 फरवरी को ही हो सकता है, ताकि बजट सत्र से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा सके।  BJP की बैठक में जिन नेताओं के नामों पर विचार किया गया, उनमें शामिल हैं: नवल किशोर यादव – मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जीवेश कुमार और अनिल शर्मा – इनमें से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है कविता देवी – महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के उद्देश्य से इन्हें कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।

कोर कमेटी की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चुनावी वर्ष में पार्टी की सांगठनिक गतिविधियों को और अधिक तेज किया जाएगा। BJP कोटे के सभी मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में प्रवास करें और सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का आकलन करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास कार्यों का लाभ जनता तक पहुंचे और सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। मंत्रियों को जिलों में प्रवास के दौरान स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने, योजनाओं की समीक्षा करने और जनता से सीधा संपर्क स्थापित करने की भी जिम्मेदारी दी गई है। इससे सरकार और पार्टी के बीच समन्वय बेहतर होगा और चुनावी रणनीति को मजबूती मिलेगी।

Read This Also:- भारत-EU संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी, ट्रेड और टेक्नोलॉजी को मजबूत करने पर जोर