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मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर गरमाई सियासत, खड़गे ने BJP को ठहराया जिम्मेदार

खड़गे ने लिखा कि मणिपुर में पिछले आठ वर्षों से बीजेपी की सरकार थी, जबकि केंद्र में पार्टी पिछले 11 वर्षों से सत्ता में है। ऐसे में राज्य की कानून-व्यवस्था |

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर गरमाई सियासत, खड़गे ने BJP को ठहराया जिम्मेदार
फोटो: BJP, President, Kharge, Manipur
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को राज्य में अस्थिरता और संवैधानिक संकट के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

'बीजेपी सरकार की नाकामी से पैदा हुआ संवैधानिक संकट'


खड़गे ने लिखा कि मणिपुर में पिछले आठ वर्षों से बीजेपी की सरकार थी, जबकि केंद्र में पार्टी पिछले 11 वर्षों से सत्ता में है। ऐसे में राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखना पूरी तरह से उनकी जिम्मेदारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की अक्षमता के चलते प्रदेश में हालात इतने बिगड़ गए कि मजबूरन राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा। खड़गे ने आगे कहा, "बीजेपी के अपने ही विधायक सरकार की जिम्मेदारी लेने से कतरा रहे थे। इससे साफ है कि मणिपुर में प्रशासनिक विफलता की स्थिति थी। राज्य में संवैधानिक संकट पैदा करने वाली बीजेपी को जवाब देना होगा।"

'प्रधानमंत्री को मणिपुर जाकर माफी मांगनी चाहिए'


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए खरगे ने कहा कि बीजेपी की 'डबल इंजन सरकार' मणिपुर के निर्दोष नागरिकों के लिए अभिशाप बन गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं मणिपुर जाना चाहिए, वहां के लोगों की पीड़ा को समझना चाहिए और उनसे माफी मांगनी चाहिए। खड़गे ने चेतावनी दी कि "मणिपुर की जनता प्रधानमंत्री और बीजेपी को उनकी नाकामी के लिए कभी माफ नहीं करेगी।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल दागे। उन्होंने कहा कि मणिपुर की कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह इसमें बुरी तरह विफल रही। खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधे सवाल किया, "क्या उनमें मणिपुर के लोगों की तकलीफ सुनने और उनसे माफी मांगने का साहस है?"

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