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'मित्र विभूषण' सम्मान पर बोले पीएम मोदी: श्रीलंका सिर्फ पड़ोसी नहीं, सच्चा दोस्त है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मित्र विभूषण से सम्मानित किया जाना मेरे लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए सम्मान की बात है। यह भारत और श्रीलंका की |

'मित्र विभूषण' सम्मान पर बोले पीएम मोदी: श्रीलंका सिर्फ पड़ोसी नहीं, सच्चा दोस्त है
फोटो: 'मित्र विभूषण' सम्मान पर बोले पीएम मोदी: श्रीलंका सिर्फ पड़ोसी नहीं, सच्चा दोस्त है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें द्विपक्षीय संबंधों को सशक्त बनाने और साझा सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक विरासत को बढ़ावा देने में उनके "असाधारण योगदान" के लिए प्रदान किया गया। यह पीएम मोदी को किसी विदेशी राष्ट्र की ओर से मिला 22वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। श्रीलंका द्वारा स्थापित यह विशेष सम्मान भारत-श्रीलंका के बीच विश्वास, सहयोग और गहरे ऐतिहासिक रिश्तों की पुष्टि करता है। कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मित्र विभूषण से सम्मानित किया जाना मेरे लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए सम्मान की बात है। यह भारत और श्रीलंका की ऐतिहासिक साझेदारी और गहरे विश्वास का प्रतीक है।"

'हर संकट में भारत साथ खड़ा रहा'


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा श्रीलंका के साथ एक भरोसेमंद मित्र की तरह खड़ा रहा है, चाहे वह 2019 का आतंकी हमला हो, कोविड-19 की वैश्विक महामारी हो या हालिया आर्थिक संकट। भारत ने हर बार मानवीय सहायता और समर्थन देकर यह साबित किया है कि पड़ोसी होने का अर्थ केवल निकटता नहीं, बल्कि साझी संवेदनशीलता और समर्थन भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और 'विजन S.A.G.A.R.' (Security and Growth for All in the Region) में श्रीलंका का अहम स्थान है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल ही में श्रीलंका को दिए गए 100 मिलियन डॉलर के ऋण को अनुदान में परिवर्तित किया है, और ऋण पुनर्गठन के तहत ब्याज दरें भी कम की गई हैं।

भारत और श्रीलंका के साझा बौद्ध धरोहर पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि गुजरात के अरावली से प्राप्त भगवान बुद्ध के अवशेष श्रीलंका में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए भेजे जा रहे हैं। साथ ही त्रिंकोमाली स्थित थिरुकोनेश्वरम मंदिर, अनुराधापुरा के महाबोधि मंदिर परिसर और नुरेलिया के 'सीता एलिया' मंदिर के निर्माण/जीर्णोद्धार में भी भारत आर्थिक और तकनीकी सहयोग देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति के साथ बैठक में मछुआरों के मुद्दे और भारतीय मूल के तमिल समुदाय की बेहतरी पर भी चर्चा की। 

उन्होंने बताया कि श्रीलंका में 10,000 घरों का निर्माण जल्द ही पूरा होगा, और 700 श्रीलंकाई नागरिकों को भारत में प्रशिक्षण दिया जाएगा। "भारत मानता है कि हमारी और श्रीलंका की सुरक्षा परस्पर जुड़ी हुई है। हमारी मजबूती एक-दूसरे के सहयोग पर टिकी है।" श्रीलंका सरकार डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में भारत के साथ मिलकर काम कर रही है। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने खुलासा किया कि भारत सरकार ने यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी प्रोजेक्ट के लिए 300 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।

श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, "बौद्ध धर्म हमें भारत से मिला सबसे अनमोल उपहार है। प्रधानमंत्री मोदी ने संकट के समय हमेशा श्रीलंका का साथ दिया है। आज ऊर्जा, रक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ है, जो हमारे रिश्तों को नई ऊंचाई देगा।"

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