प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को हरियाणा के हिसार में थे, जहां उन्होंने हिसार एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मानसिकता ने देश को सामाजिक रूप से कमजोर किया है और कई समुदायों को हाशिए पर धकेल दिया।
PM मोदी ने अपने संबोधन में वक्फ कानून का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस कानून को सिर्फ अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए बदला था। उन्होंने कहा, “2013 तक जो वक्फ कानून चल रहा था, उसमें चुनावों से ठीक पहले संशोधन किया गया, वो भी आनन-फानन में। इसका मकसद था तुष्टिकरण और वोट बटोरना, न कि समाज के किसी भी वर्ग का वास्तविक भला करना। इस संशोधन ने बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए संविधान का अपमान किया।”
उन्होंने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य था समाज के वंचित तबकों—गरीबों, बेसहारा महिलाओं और बच्चों—की मदद करना, लेकिन इसका फायदा भू-माफियाओं और कुछ खास तबकों ने उठा लिया। “आज लाखों हेक्टेयर वक्फ की जमीन है, जिसका सही उपयोग हुआ होता तो पसमांदा मुसलमानों को पंचर बनाकर जीवन नहीं गुजराना पड़ता,” पीएम मोदी ने कहा।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उसकी नीतियों ने एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय को 'दूसरी श्रेणी का नागरिक' बना दिया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति का सबसे बड़ा नुकसान मुस्लिम समाज को ही हुआ है। कांग्रेस ने कुछ कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए बहुसंख्यक मुस्लिम समाज को शिक्षा, रोज़गार और विकास से दूर रखा।”
पीएम मोदी ने कांग्रेस को खुली चुनौती दी कि अगर पार्टी को वास्तव में मुस्लिम समुदाय की चिंता है, तो वह किसी मुस्लिम नेता को पार्टी अध्यक्ष बनाए। “अगर कांग्रेस को मुसलमानों से इतनी हमदर्दी है तो अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी मुसलमान को क्यों नहीं बनाती? चुनाव में टिकट देती है, तो उसमें 50 फीसदी मुसलमानों को क्यों नहीं देती?” उन्होंने सवाल किया।





