अपने पहले ट्वीट में इमरान ने राहत इंदौरी के शेर के माध्यम से डॉ. मनमोहन सिंह के अद्वितीय व्यक्तित्व को चित्रित किया। इमरान ने लिखा, "अलविदा डॉ. साहब। आपका जाना देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। आप जैसे लोग सदियों में एक बार होते हैं। कोई उनका क़द समझ नहीं सका, वह आसमान थे लेकिन सिर झुका कर चलते थे।" यह शेर डॉ. मनमोहन सिंह के सरल और विनम्र स्वभाव को बखूबी दर्शाता है, जो उनके महान कार्यों के बावजूद कभी घमंड नहीं करते थे।
इमरान ने कुछ समय बाद राज्यसभा के अंदर की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उनकी सीट और डॉ. मनमोहन सिंह की सीट बगल-बगल थीं। उन्होंने इसे शेयर करते हुए लिखा, "मेरे जैसे युवा सांसद के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है कि मुझे राज्यसभा में डॉ. मनमोहन सिंह को सीट मिली। जब वह व्हीलचेयर पर संसद में आए, तो मैंने उन्हें बड़े अदब से देखा। उनकी शख्सियत में कितनी सादगी थी।" इमरान ने कहा कि यह एक अपूर्व अनुभव था, और उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह गर्व से आने वाली पीढ़ी को बताएंगे कि उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह के साथ संसद की कार्यवाही में भाग लिया।
अपने तीसरे ट्वीट में इमरान ने डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए एक शेर लिखा, "अमन का, शांति का तरफ़दार था, जिनकी ख़ामोशियों का भी मेयार था। फूल को फूल था, ख़ार को ख़ार था। कितना ज़्यादा असरदार 'सरदार' था!" इस शेर के माध्यम से इमरान ने डॉ. मनमोहन सिंह के शांतिपूर्ण और प्रभावशाली व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि दी, जो हमेशा अपने कृत्य और विचारों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कोशिश करते थे।
इमरान प्रतापगढ़ी ने इन ट्वीट्स के जरिए डॉ. मनमोहन सिंह के उन गुणों को उजागर किया जो उन्हें एक महान नेता और एक सम्मानित व्यक्तित्व बनाते थे। उनका निधन न केवल भारतीय राजनीति के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है।





