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Parliament Session: मणिपुर पर कांग्रेस और तृणमूल ने साधा निशाना, सीतारमण बोलीं- "हमने ठोस कदम उठाए हैं"

वित्त मंत्री ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि मणिपुर में अशांति की स्थिति पहले भी रही है, लेकिन उस समय के प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव और इंद्र कुमार |

Parliament Session: मणिपुर पर कांग्रेस और तृणमूल ने साधा निशाना, सीतारमण बोलीं- "हमने ठोस कदम उठाए हैं"
फोटो: Parliament Session: मणिपुर पर कांग्रेस और तृणमूल ने साधा निशाना, सीतारमण बोलीं- "हमने ठोस कदम उठाए हैं"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि मोदी सरकार मणिपुर में शांति बहाली और राज्य की समृद्धि के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया था। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों से मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "हम मणिपुर और देश के हर राज्य की परवाह करते हैं और उनकी प्रगति के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेंगे।"

पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में मौजूदा सरकार ज्यादा सक्रिय


वित्त मंत्री ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि मणिपुर में अशांति की स्थिति पहले भी रही है, लेकिन उस समय के प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव और इंद्र कुमार गुजराल वहां कभी नहीं गए थे। इसके विपरीत, मोदी सरकार ने मणिपुर को प्राथमिकता दी है। गृह मंत्री अमित शाह चार दिन तक मणिपुर में रहकर हालात का जायजा ले चुके हैं, जबकि गृह राज्य मंत्री ने 23 दिनों से अधिक समय तक वहां रहकर स्थिति पर नजर रखी। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, "आपने मणिपुर को कैसे संभाला और हम इसे कैसे संभाल रहे हैं, इसकी तुलना मत कीजिए। हमारी सरकार अधिक संवेदनशील है और पूरे देश के हर राज्य की चिंता करती है।"

सीतारमण ने विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मणिपुर नहीं जाने को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि "जब प्रधानमंत्री लोकसभा में मणिपुर के मुद्दे पर बोल रहे थे, तब विपक्ष ने उन्हें बोलने नहीं दिया। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बात मजबूती से रखी।" उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि मणिपुर एक संवेदनशील मुद्दा है और इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय सभी दलों को एकजुट होकर समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए।

भाषण के दौरान जब माकपा (CPIM) सांसद पी. संदोष कुमार ने टिप्पणी की, तो वित्त मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि "पश्चिम बंगाल ने माकपा सरकार के दौरान सबसे खराब स्थिति देखी थी। त्रिपुरा भी उनकी नीतियों के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गया था। आज भी केरल उनके शासन के कारण उबर नहीं पा रहा है।" सीतारमण ने आरोप लगाया कि माकपा की गलत नीतियों के कारण ही केरल और पश्चिम बंगाल की स्थिति बदहाल बनी हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब से असंतुष्ट तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने राज्यसभा से बहिर्गमन कर दिया। संसद के बाहर तृणमूल सांसद सुष्मिता देव ने वित्त मंत्री की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे "सतही और दिखावटी जवाब" करार दिया। उन्होंने कहा, "मणिपुर पिछले 22 महीनों से हिंसा की चपेट में है, लेकिन केंद्र सरकार, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।"

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