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जियो समेत तीन मोबाइल कंपनियों के रिचार्ज 15 फ़ीसदी तक महँगे, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया आँख बंद करने का आरोप

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किए कि क्या मोदी सरकार ने 109 करोड़ सेल फोन यूजर्स पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपए का बोझ डालने से पहले कोई जांच की?

जियो समेत तीन मोबाइल कंपनियों के रिचार्ज  15 फ़ीसदी तक महँगे, कांग्रेस ने  मोदी सरकार पर लगाया आँख बंद करने का आरोप
फोटो: जियो समेत तीन मोबाइल कंपनियों के रिचार्ज 15 फ़ीसदी तक महँगे, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया आँख बंद करने का आरोप
कांग्रेस ने टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए मोबाइल रिचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। शुक्रवार को कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है और अब इस फैसले ने जनता का बोझ और बढ़ा दिया। सुरजेवाला ने दावा किया कि प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों ने रिचार्ज बढ़ाकर जनता की जेब से करीब 34,834 करोड़ रूपए वसूले है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि कब तक केंद्र सरकार प्राइवेट कंपनियों की मुनाफाखोरी पर शांत रहेगी, मोदी सरकार की आंख बंद है क्या?      



15 फीसदी रिचार्ज हुआ महंगा 
  
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि तीन जुलाई से देश की तीन प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने एक साथ अपना रिचार्ज औसतन 15 फीसदी तक बढ़ा दिया। इन कंपनियों का मार्केट शेयर देश में 91 फीसदी हैं यानी 119 करोड़ यूजर में से 109 करोड़ यूजर इन्हीं कंपनियों के हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ट्राई की एक रिपोर्ट के अनुसार टेलीकॉम कंपनियां हर सेल फोन कस्टमर से 152.55 पैसे प्रति माह कमाती हैं। 27 जून को रिलायंस जियो ने अपने रेट 12 फीसदी से 27 फीसदी बढ़ा दिए, 28 जून को एयरटेल ने अपने रेट 11 फीसदी से 21 फीसदी बढ़ा दिए और 29 जून को वोडाफोन आइडिया ने भी अपने रेट 10 फीसद से 24 फीसदी तक बढ़ा दिये जिससे साफ जाहिर होता है कि तीनों कंपनियों ने सलाह कर सिर्फ 72 घंटे में सेल फोन चार्ज बढ़ाने की घोषणा की। 



केंद्र सरकार ने नहीं किया कोई अध्ययन
 
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किए कि क्या मोदी सरकार ने 109 करोड़ सेल फोन यूजर्स पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपए का बोझ डालने से पहले कोई जांच की? क्या मोदी सरकार ने नीलामी के माध्यम से स्पेक्ट्रम की खरीद से होने वाले असर का कोई अध्ययन किया?  मोदी सरकार की ओर से  समयोजित सकल राजस्व(एजीआर) पर दी गई पिछली रियायतों का क्या असर होगा, इसका अध्ययन किया? 

सुरजेवाला ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सभी टेलीकॉम कंपनियां अपना टैरिफ 15-20 फीसदी बढ़ा दें, जबकि उनका इंवेस्टमेंट, कस्टमर बेस आदि सब अलग है। क्या ये सच नहीं कि सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार और ट्राई को स्लीपिंग पार्टनर की तरह नहीं, जनता के लिए एक्टिव पार्टनर की तरह काम करने को कहा था? कांग्रेस नेता ने कहा केंद्र सरकार को इन सवालों के जवाब जनता के सामने देने होंगे।