आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई इलाकों में 6-7 घंटे तक पावर कट्स होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले थी, जब दिल्ली में बिजली की कटौती आम बात थी। लेकिन 2015 में केजरीवाल सरकार बनने के बाद, दिल्ली में बिजली की व्यवस्था में जबरदस्त सुधार हुआ था, और दिल्लीवासियों ने 24 घंटे बिजली का अनुभव किया। केंद्र सरकार ने भी राज्यसभा में यह बात स्वीकार की थी कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली आती है।
आतिशी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के मंत्री और अधिकारी काम करने की बजाय केवल पैसे कमाने के तरीके पर चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान दिल्लीवाले इन्वर्टर और जनरेटर को भूल चुके थे, क्योंकि बिजली का वितरण निर्बाध रूप से किया जा रहा था। लेकिन अब बीजेपी सरकार के आने के बाद दिल्ली में फिर से लंबे-लंबे पावर कट्स हो रहे हैं, जो न केवल आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भाजपा सरकार में बिजली की समस्या को सुलझाने का कोई इच्छाशक्ति नहीं है।
आतिशी ने यह भी कहा कि दिल्ली के किसी भी इलाके में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है, जहां लंबे पावर कट्स न हो रहे हों। उन्होंने यह भी कहा कि यह भाजपा की विफलता का परिणाम है कि दिल्ली में बिजली की स्थिति फिर से बदतर हो गई है, और यह स्थिति तत्काल सुधारने की आवश्यकता है।
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