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झारखंड में NTPC के DGM की हत्या, कोयला माफिया पर शक, पुलिस जांच में जुटी

झारखंड के हजारीबाग जिले में शनिवार सुबह एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन) कोयला परियोजना के डिस्पैच डिपार्टमेंट के डीजीएम कुमार गौरव की अपराधियों ने |

झारखंड में NTPC के DGM की हत्या, कोयला माफिया पर शक, पुलिस जांच में जुटी
फोटो: Jharkhand Crime News
झारखंड के हजारीबाग जिले में शनिवार सुबह एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन) कोयला परियोजना के डिस्पैच डिपार्टमेंट के डीजीएम कुमार गौरव की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है। हत्या के पीछे लेवी मांगने वाले अपराधियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।

कैसे हुई हत्या? अपराधियों ने गाड़ी ओवरटेक कर मारी गोली


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार सुबह एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव हजारीबाग स्थित अपने आवास से कार्यालय के लिए कंपनी के वाहन से निकले थे। जैसे ही उनकी गाड़ी कटकमदाग थाना क्षेत्र के फतहा चौक के पास पहुंची, तभी बाइक सवार अपराधियों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगने के बाद चालक ने उन्हें तुरंत आरोग्य अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि कुमार गौरव बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले थे और हजारीबाग में एनटीपीसी की कोयला परियोजना के डिस्पैच डिपार्टमेंट में डीजीएम के पद पर कार्यरत थे।

कुमार गौरव की हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस इसे लेवी से जोड़कर देख रही है। दरअसल, इससे पहले भी कोयला व्यवसाय और प्रोजेक्ट से जुड़े कई अधिकारियों की हत्या हो चुकी है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अपराधियों ने लेवी के लिए इस घटना को अंजाम दिया हो। सूत्रों के मुताबिक, कोयला डिस्पैच का काम डीजीएम कुमार गौरव के अधीन था, जिसके चलते अपराधियों की नजर उन पर थी। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन में जुटी है और अपराधियों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही है।

यह पहली बार नहीं है जब झारखंड में कोयला परियोजना से जुड़े किसी अधिकारी की हत्या हुई हो। इससे पहले भी झारखंड में आउटसोर्सिंग कंपनी के जीएम की हत्या रंगदारी के लिए कर दी गई थी। ऐसे में पुलिस यह मानकर चल रही है कि इस घटना के पीछे भी कोयला माफिया और लेवी मांगने वाले अपराधियों का हाथ हो सकता है।

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