नीतीश का नेतृत्व अडिग, भाजपा का पूरा समर्थन
बिहार में एनडीए के मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर जब सम्राट चौधरी से सवाल किया गया तो उन्होंने बेझिझक कहा, "बिहार की राजनीति में यह पूरी तरह स्पष्ट है कि राजग के नेता नीतीश कुमार ही हैं। वह 1996 से गठबंधन के नेता रहे हैं और भाजपा उनके नेतृत्व में सहज रही है। कल भी नीतीश थे, आज भी नीतीश हैं और कल भी नीतीश कुमार ही रहेंगे।"
उनके इस बयान से यह साफ हो गया कि बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और नीतीश कुमार की अगुवाई पर कोई संशय नहीं है। जब सम्राट चौधरी से नीतीश कुमार के 47 वर्षीय पुत्र निशांत कुमार की राजनीति में संभावित एंट्री को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे जदयू का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से नीतीश कुमार का व्यक्तिगत मामला है और जनता दल (यूनाइटेड) के अंदर का विषय है। भाजपा, जदयू के फैसलों के साथ खड़ी रहेगी और जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसे हम समर्थन देंगे।"
तेजस्वी यादव को लालू प्रसाद का मात्र प्रतिनिधि बताया
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के साथ हुई तीखी बहस पर टिप्पणी करते हुए सम्राट चौधरी ने तेजस्वी को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का "मात्र प्रतिनिधि" करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
"लालू जी जब कहेंगे कि तेज प्रताप आज से नेता होंगे, तो बिहार की जनता तेजस्वी यादव को पहचानना भूल जाएगी। अगर वह कह देंगे कि मीसा भारती हमारी नेता हैं, तो लोग तेजस्वी को भूलकर मीसा को पहचानने लगेंगे। पहले राबड़ी देवी लालू जी की ओर से काम कर रही थीं, अब तेजस्वी यादव कर रहे हैं। यह पूरी तरह से लालू यादव की पारिवारिक राजनीति है।"
सम्राट चौधरी ने अपने बयान से स्पष्ट कर दिया कि बिहार में भाजपा और जदयू के बीच कोई मतभेद नहीं है, और नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठबंधन आगे भी मजबूती से खड़ा रहेगा। वहीं, उन्होंने विपक्ष की राजनीति को परिवारवाद तक सीमित बताते हुए कटाक्ष किया कि राजद में नेता वही होगा, जिसे लालू यादव चुनेंगे, जनता का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
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