नए आयकर विधेयक में क्या होगा खास?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित आयकर कानून मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। इसका उद्देश्य टैक्सेशन सिस्टम को अधिक सरल, पारदर्शी और करदाताओं के लिए सुगम बनाना है। सरकार का दावा है कि नया कानून सरल भाषा में होगा, जिससे न केवल करदाताओं बल्कि कर विशेषज्ञों को भी प्रावधानों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा था कि रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा और करदाताओं पर टैक्स का बोझ घटाया जाएगा। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा।
मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत
इस साल के बजट में मध्यम वर्ग को सबसे बड़ा तोहफा दिया गया है। 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त कर दिया गया है, जिससे बड़ी संख्या में करदाताओं को राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम करदाताओं को सम्मान देने और उनके वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार का दावा है कि नया कर विधेयक वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें पुराने, जटिल और अप्रासंगिक प्रावधानों को हटाकर इसे अधिक संक्षिप्त और प्रभावी बनाया गया है, ताकि आम करदाता इसे आसानी से समझ सकें।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह विधेयक संसद में पेश होगा, जहां इस पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। यदि यह पारित होता है, तो यह भारतीय कर प्रणाली में सबसे बड़े बदलावों में से एक होगा, जिससे करदाताओं के लिए कर भरना अधिक सरल और सुविधाजनक बन जाएगा।
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