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NDA ने बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का किया फ़ैसला, दिल्ली में हुई अहम बैठक

इस साल बिहार में बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसके चलते राज्य की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट |

NDA ने बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का किया फ़ैसला, दिल्ली में हुई अहम बैठक
फोटो: NDA ने बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का किया फ़ैसला, दिल्ली में हुई अहम बैठक
इस साल बिहार में बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसके चलते राज्य की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं की एक अहम और व्यापक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बिहार से सांसद संजय जायसवाल के आवास पर हुई, जिसमें एनडीए के सभी सांसदों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की, जिन्होंने इस मौके पर गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के लिए एक प्रेरक और दिशानिर्देशक संदेश दिया। नड्डा ने अपने संबोधन में नेताओं से एकजुट रहने की अपील की और इसकी महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के बीच गठबंधन में आई दरार का जिक्र करते हुए इसे एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। 

नड्डा ने कहा, "हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यदि हम एकजुट रहते हैं, तो हम निश्चित रूप से जीत हासिल करेंगे, लेकिन अगर हम आपस में बंट जाते हैं, तो हमारा पतन तय है। यदि हम एक साथ मजबूती से खड़े रहते हैं, तो आगामी विधानसभा चुनावों में हम अभूतपूर्व और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर सकते हैं।" इस बैठक को दिल्ली में आयोजित बिहार दिवस समारोहों के एक विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है। यह केंद्र सरकार की एक विशेष पहल थी, जिसका उद्देश्य बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्वादिष्ट व्यंजनों, गौरवशाली परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर को देश भर में सम्मान और पहचान दिलाना था। यह भी उल्लेखनीय है कि बिहार के लोग देश के कोने-कोने में प्रवासी के रूप में फैले हुए हैं और अपनी मेहनत से राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।

हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई ठोस और अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। फिर भी, गठबंधन के छोटे सहयोगी दलों जैसे जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने अपनी-अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। इस बार सीटों का बंटवारा पहले से अलग और नवीन तरीके से किए जाने की संभावना है।

उम्मीदवारों की योग्यता के आधार पर सीटों का बंटवारा


 न्यूज-18 की एक विस्तृत रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से जानकारी दी गई है कि, "पिछले चुनावों में हम सीटों की संख्या को आधार मानकर गठबंधन के सहयोगियों के बीच उनका बंटवारा करते थे। लेकिन इस बार हमारा दृष्टिकोण बदल गया है। अब हम उम्मीदवारों की योग्यता और उनके प्रदर्शन को प्राथमिकता देंगे। एनडीए के सभी सहयोगी दलों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रत्येक सीट के लिए अपने संभावित उम्मीदवारों की विस्तृत सूची प्रस्तुत करें। इस बार जीत की संभावना ही उम्मीदवारों के चयन और सीट बंटवारे का सबसे बड़ा और अंतिम मापदंड होगी।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 और 30 मार्च को बिहार के गोपालगंज जिले में एक महत्वपूर्ण दौरे पर होंगे। इस दौरान वे सहकारिता मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे और सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (पीएसी) प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस यात्रा का सबसे अहम पहलू एनडीए गठबंधन के चुनावी एजेंडे की औपचारिक और आधिकारिक शुरुआत होगा। 29 मार्च को शाह भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ एक निजी और गोपनीय बैठक करेंगे, जिसमें आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा होगी। 

इसके बाद 30 मार्च को वे एनडीए के सभी सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि चुनाव से पहले एक साझा और मजबूत रणनीति तैयार की जा सके। एक सूत्र ने बताया, "पिछले विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी हम एक संयुक्त रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे। यह चुनाव एनडीए की एकजुटता की लड़ाई होगी, न कि किसी एक राजनीतिक दल या उसके चुनाव चिह्न के लिए। महाराष्ट्र के चुनावों की तर्ज पर हम एक साझा घोषणापत्र लेकर आएंगे। केंद्र सरकार के सभी प्रमुख नेता गठबंधन के सभी उम्मीदवारों के लिए प्रचार में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। यह संदेश पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं तक स्पष्ट रूप से पहुंचाना जरूरी है कि यह चुनाव एक संयुक्त मोर्चे के तहत लड़ा जा रहा है।" इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अप्रैल में बिहार का दौरा करने वाले हैं। संभावना जताई जा रही है कि वे 24 अप्रैल को मधुबनी में ग्राम पंचायतों से संबंधित एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे और वहां जनता को संबोधित करेंगे। चुनाव में अब कुछ ही महीने शेष बचे हैं और एनडीए गठबंधन में नए सहयोगी दलों के शामिल होने के साथ बुधवार को हुई यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

 इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अध्यक्ष चिराग पासवान, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के नेता उपेंद्र कुशवाहा जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हुए। इस बैठक के माध्यम से दिल्ली से बिहार के लिए एक ठोस और प्रभावी रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

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