तीन मामलों में जांच का सामना कर रहे रॉबर्ट वाड्रा
यह मामला रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चल रही तीन मनी लॉन्ड्रिंग जांचों में से एक है। दो अन्य मामले हरियाणा और राजस्थान में भूमि सौदों में कथित अनियमितताओं से संबंधित हैं। अप्रैल 2025 में भी वाड्रा से तीन दिन तक लगातार पूछताछ की गई थी। वह पूछताछ हरियाणा के गुरुग्राम में वर्ष 2008 में हुए एक विवादित जमीन सौदे को लेकर की गई थी। संजय भंडारी एक कुख्यात हथियार डीलर हैं, जो 2016 में इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी के तुरंत बाद भारत छोड़कर लंदन भाग गए थे। हाल ही में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। इससे पहले भारत सरकार ने ब्रिटेन में उनके प्रत्यर्पण की कोशिश की थी, लेकिन लंदन हाईकोर्ट ने यह अर्जी खारिज कर दी, जिससे प्रत्यर्पण की संभावना लगभग खत्म हो गई।
2023 में दाखिल की थी चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में 2023 में चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी का आरोप है कि भंडारी ने लंदन में जो फ्लैट खरीदा, उसका रिनोवेशन रॉबर्ट वाड्रा के निर्देश पर कराया गया था और इसके लिए खर्च भी वाड्रा की ओर से किया गया था। एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति असल में वाड्रा की है और भंडारी उसके मुखौटा मालिक हैं।
हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया है।
उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि उनकी लंदन या विदेश में कोई संपत्ति नहीं है, और ईडी की जांच पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने दावा किया है कि सरकार उन्हें बदनाम करने और विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। रॉबर्ट वाड्रा लंबे समय से भाजपा सरकार के निशाने पर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने इन मामलों को बार-बार राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, ताकि विपक्षी नेताओं को डराया और कमजोर किया जा सके।





