महबूबा मुफ्ती ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, "बीते 10 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुसलमानों के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया है। अब वे वक्फ संशोधन विधेयक लाकर हमारी धार्मिक और सामुदायिक संपत्तियों पर अधिकार जमाना चाहते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि भारत सदियों से अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए पहचाना जाता था, लेकिन मौजूदा सरकार ने इन मूल्यों को नष्ट करने का बीड़ा उठा लिया है। महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी देते हुए कहा, "बीजेपी को यह नहीं भूलना चाहिए कि आज उनकी सरकार है, लेकिन कल सत्ता किसी और के हाथ में होगी। जब वे सत्ता से जाएंगे, तब तक देश का सामाजिक ताना-बाना पूरी तरह बर्बाद हो चुका होगा।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन कर रही है और यह विधेयक उसी श्रृंखला की एक कड़ी है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ नहीं बल्कि देश की समग्र सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ एक हमला है।"
महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्र सरकार को सभी नागरिकों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, न कि किसी एक वर्ग को निशाना बनाकर उसकी धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियां न केवल धार्मिक बल्कि सामुदायिक उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, और सरकार का इस पर हस्तक्षेप करना अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
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