केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा,
“इस घटना से लालू यादव की दलितों के प्रति मानसिकता उजागर हो गई है। यह केवल बाबा साहेब का नहीं, पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्हें इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।”
गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि लालू यादव वास्तव में हिंदू धर्म और सामाजिक न्याय में विश्वास रखते हैं, तो उन्हें गंगा के तट पर जाकर पश्चाताप करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी प्रमुख को दलित समाज के वोट तो चाहिए, लेकिन उनके महापुरुषों के सम्मान की परवाह नहीं।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस मुद्दे पर लालू यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“जो दशकों से खुद को सामाजिक न्याय का नेता बताते हैं, उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर का घोर अपमान किया है। तस्वीर को पैरों में रखवाकर न उसे उठाया, न सम्मान दिया। यह सिर्फ़ अपमान नहीं, एक मानसिकता का प्रदर्शन है।”





