"केजरीवाल ने अपने माता-पिता को भी नहीं छोड़ा"
प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने चुनावी फायदे के लिए अपने माता-पिता तक को नहीं बख्शा। उन्होंने कहा, "केजरीवाल के पिता स्वस्थ होने के बावजूद उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर वोट मांगने के लिए प्रचार किया गया।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश की। वर्मा ने दिल्ली की शराब नीति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि बंगाली कैंप इलाके में एक विधवा महिला मोनी दास से उनकी मुलाकात हुई, जिन्होंने बताया कि उनके दो बेटे थे, लेकिन केजरीवाल सरकार की शराब नीति की वजह से उनकी मौत हो गई। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कई कहानियां हैं जहां शराब नीति के कारण परिवार तबाह हो गए।
"नाम बदलकर संस्कृति की रक्षा करेंगे"
दिल्ली में इलाकों के नाम बदलने को लेकर प्रवेश वर्मा ने कहा कि नाम बदलना ही हमारा एकमात्र मकसद नहीं है, लेकिन हमारी संस्कृति की रक्षा करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुगल आक्रांताओं द्वारा बदले गए नामों को फिर से सही किया जाएगा और यह प्रक्रिया जारी रहेगी। मंत्री ने दावा किया कि केजरीवाल सरकार के दौरान बड़ी संख्या में राशन कार्ड बनाए गए, जिनमें बांग्लादेशी घुसपैठियों के भी शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा, "अगर किसी बांग्लादेशी नागरिक का राशन कार्ड बना होगा तो उसकी पूरी जांच होगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।"
दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) के अभिभाषण के दौरान प्रवेश वर्मा ने एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सीट की दराज में एक रिनॉल्ड्स पेन मिला है और यह संभवतः अरविंद केजरीवाल का ही हो सकता है। अपने भाषण के अंत में उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "यह पेन वापस करवा दीजिएगा।"
Read This Also:- केजरीवाल के 100 गाड़ियों के काफ़िलें पर भड़के संदीप दीक्षित, बोले- आलीशान जीवनशैली और सत्ता के लालची हो गए हैं AAP प्रमुख़
Read This Also:- केजरीवाल के 100 गाड़ियों के काफ़िलें पर भड़के संदीप दीक्षित, बोले- आलीशान जीवनशैली और सत्ता के लालची हो गए हैं AAP प्रमुख़





