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जयशंकर बोले– हमलावरों को नहीं छोड़ा जाएगा, पहलगाम हमले पर अमेरिकी विदेश मंत्री से चर्चा

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके अपराधियों समर्थकों |

जयशंकर बोले– हमलावरों को नहीं छोड़ा जाएगा, पहलगाम हमले पर अमेरिकी विदेश मंत्री से चर्चा
फोटो: जयशंकर बोले– हमलावरों को नहीं छोड़ा जाएगा, पहलगाम हमले पर अमेरिकी विदेश मंत्री से चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले पर गहरी चिंता जताई। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हमले के दोषियों, उनके समर्थकों और साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। अपनी बात को सार्वजनिक करते हुए जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “कल अमेरिकी विदेश मंत्री  मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके अपराधियों, समर्थकों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”

अमेरिका की संयम बरतने की अपील


अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के अनुसार, विदेश मंत्री रुबियो ने जयशंकर से फोन पर बातचीत के दौरान हमले की निंदा की और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अमेरिका की ओर से भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, रुबियो ने भारत को "दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने" और "तनाव को नियंत्रित" करने के लिए प्रोत्साहित किया। 



ब्रूस ने बताया कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के संपर्क में है और उनसे “स्थिति को और न बिगाड़ने” की अपील कर रहा है। उन्होंने कहा, “हर स्तर पर बातचीत जारी है। विदेश मंत्री रुबियो ने अपने भारतीय और पाकिस्तानी समकक्षों से बात की है। यह एक अहम राजनयिक प्रयास है, जिसे राष्ट्रपति ट्रम्प भी प्राथमिकता दे रहे हैं।”


यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर संयम की अपील की हो। 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात कर तनाव कम करने पर जोर दिया था। 2016 में उरी हमले के बाद, जॉन केरी ने भी यही अपील की थी।