समाज जब तक सुरक्षित नहीं तब तक शांति नहीं
एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व केंद्रीय मंत्री नकवी ने कहा, “अगर समाज को सुरक्षित करना है, तो इस तरह के बलवाई और दंगाईयों की ठुकाई और कुटाई देश के हित में है।” उन्होंने सुरक्षा बलों की कार्रवाई को समाज में शांति स्थापित करने और दंगाइयों को कड़ी सजा देने के लिए आवश्यक बताया।” भाजपा नेता ने बलवाइयों और दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “हमारा समाज जब तक सुरक्षित नहीं होगा, तब तक विकास और शांति संभव नहीं है।” नकवी ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से ही समाज में स्थिरता और सुरक्षा स्थापित की जा सकती है।
नकवी ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी, जो दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, एक महान राष्ट्रवादी पार्टी भी है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों और हिस्सों को साथ लाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि कुछ हिस्से भाजपा से एलर्जी को भाजपा विरोधियों की ऊर्जा बना कर अपने और समाज के लिए नुकसान कर रहे हैं। नकवी ने ऐसे लोगों को भी भाजपा के साथ जोड़ने की अपील की, जो किसी कारणवश राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
सुरक्षा देना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी
नकवी ने कहा कि आज बलवाइयों, बाहुबलियों और बकैतों की सुरक्षा और संरक्षण नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और सौहार्द मोदी-योगी सरकार की प्राथमिकता है। दंगों, दबंगों और बलवाइयों से मुक्त और सुरक्षा तथा सौहार्द से युक्त समाज किसी भी सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। नकवी ने कहा कि दबंगों और बाहुबलियों का शिकार बेगुनाह आम इंसान होता रहा है, दंगे इंसान ही नहीं, इंसानियत को भी लहूलुहान करते हैं। चाहे वह किसी धर्म, जाति या समुदाय का हो। मोदी-योगी सरकार द्वारा आज अराजकता को किसी भी रूप में बर्दाश्त न करने की स्पष्ट नीति ने समाज में भरोसा और समाज विरोधियों में भय सुनिश्चित किया है। नकवी ने कहा कि सामंती सियासी सूरमाओं के सुल्तानी सांप्रदायिक साजिश से सावधान रहना होगा। संवैधानिक पंथनिरपेक्षता और समावेशी समृद्धि के लिए समाज में सौहार्द और सुरक्षा सर्वाधिक आवश्यक है।
लेकिन नक़वी के पास इस बात का जवाब नहीं कि आखिर बहराइच में पुलिस के होते हुए हिंसक घटनाएँ क्यों हुईं। लगातार दो दिन तक बहराइच में जो तांडव हुआ, उसका ज़िम्मेदार कौन है?
लेकिन नक़वी के पास इस बात का जवाब नहीं कि आखिर बहराइच में पुलिस के होते हुए हिंसक घटनाएँ क्यों हुईं। लगातार दो दिन तक बहराइच में जो तांडव हुआ, उसका ज़िम्मेदार कौन है?





