इस नए इलाके का नाम "ट्रम्प वन" (T1) रखा गया है। पहले यह क्षेत्र ई1 या मेवासेरेट अदुमिम के नाम से जाना जाता था, और यह 4,000 एकड़ में फैला हुआ है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने का उत्सव मनाने के लिए यह नामकरण किया गया, खासतौर पर यहूदियों के बीच ट्रंप की लोकप्रियता को देखते हुए। शहर के मेयर गाय यिफ्राच ने इस विशेष सम्मान की घोषणा करते हुए कहा कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल इजरायली समुदायों के लिए एक बेहतरीन अवसर है, खासकर जुडिया और सामरिया क्षेत्रों में। उन्होंने यह भी कहा, "हमें ट्रंप पर पूरा भरोसा है और हमें विश्वास है कि उनका प्रशासन इस इलाके में विकास और समृद्धि को बढ़ावा देगा, जिससे इजरायल की स्थिति और मजबूत होगी।"
इजरायल के गोलान हाइट्स पर भी ट्रंप का नाम
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच हुए विभिन्न समझौतों के अनुसार, गोलान हाइट्स पर इजरायल का नियंत्रण है। यह इलाका इजरायल के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इसे लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई अंतर्राष्ट्रीय विवाद भी हुए हैं। हालांकि, 2019 में डोनाल्ड ट्रंप ने गोलान हाइट्स पर इजरायल की संप्रभुता को मान्यता दी थी, जिसके बाद इस क्षेत्र का नाम भी ट्रंप के सम्मान में रखा गया था। अब इजरायल का एक और महत्वपूर्ण इलाका, जो कि मा'ले अदुमिम के नजदीक है, ट्रंप के नाम पर रखा गया है। इस नए नामकरण से यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप के प्रति इजरायल की कृतज्ञता और उनके द्वारा किए गए निर्णयों का इजरायल में गहरा प्रभाव पड़ा है।
ट्रंप की लोकप्रियता और इजरायल में उनका प्रभाव
ट्रंप इजरायल में विशेष रूप से लोकप्रिय रहे हैं, और इसका मुख्य कारण उनके पहले कार्यकाल में इजरायल के पक्ष में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय हैं। ट्रंप ने गाजा में हुए संघर्ष में भी इजरायल के प्रति अपनी पूरी निष्ठा दिखाई, और उनकी सरकार के तहत इजरायल के साथ संबंध और भी मजबूत हुए। इसके अलावा, ट्रंप ने फिलिस्तीनियों को सहायता देने वाली एजेंसी UNRWA को फंडिंग बंद कर दी थी, जो इजरायल के लिए एक बड़ा कदम था। इसके अलावा, ट्रंप ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो इजरायल के खिलाफ काम कर रहे थे। इन निर्णयों ने उन्हें इजरायल में एक नायक के रूप में स्थापित किया, और यह भी दिखाया कि उनका प्रशासन इजरायल के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है।
इस विशेष सम्मान से यह स्पष्ट हो जाता है कि डोनाल्ड ट्रंप की नीति और उनके फैसले इजरायल के लिए कितना लाभकारी साबित हुए हैं। उन्होंने इजरायल को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी एक मजबूत स्थिति दिलाई और यह कदम इस बात का प्रतीक है कि ट्रंप की इजरायल के प्रति नीतियां बेहद प्रभावशाली रही हैं। अब यह नामकरण केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग का प्रतीक बन गया है, जो आने वाले समय में और भी मजबूत होने की उम्मीद है।
इस बीच, इजरायल और ट्रंप के बीच यह रिश्ता केवल क्षेत्रीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में इजरायल के प्रभाव को भी बढ़ाता है। ट्रंप का नाम इजरायल के महत्वपूर्ण इलाकों पर रखा जाना इस बात का संकेत है कि इजरायल और अमेरिका के संबंध भविष्य में और भी प्रगाढ़ होंगे।
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