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ISI Honey Trap: ATS को मिली एजेंट नेहा शर्मा की जानकारी, रविन्द्र कुमार के मोबाइल से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की सूचनाएं की थी ट्रांसफर

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गोपनीय सूचनाएं भेजने के आरोपी रविन्द्र कुमार के मोबाइल से एटीएस (एंटी टेररिज़्म स्क्वॉड) को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले |

ISI Honey Trap: ATS को मिली एजेंट नेहा शर्मा की जानकारी, रविन्द्र कुमार के मोबाइल से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की सूचनाएं की थी ट्रांसफर
फोटो: ISI Honey Trap: ATS को मिली एजेंट नेहा शर्मा की जानकारी, रविन्द्र कुमार के मोबाइल से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की सूचनाएं की थी ट्रांसफर
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गोपनीय सूचनाएं भेजने के आरोपी रविन्द्र कुमार के मोबाइल से एटीएस (एंटी टेररिज़्म स्क्वॉड) को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनसे मामले में नई जानकारियां सामने आई हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने आईएसआई की महिला एजेंट, नेहा शर्मा, के साथ रविन्द्र की कई चैट्स को मोबाइल से रिकवर किया है। इन चैट्स से यह भी खुलासा हुआ है कि रविन्द्र ने फिरोजाबाद स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री से कई संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां आईएसआई को भेजी थीं। यह जानकारी आईएसआई के हाथों में जाने से देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था। 

 रविन्द्र कुमार, जो फिरोजाबाद आर्डिनेंस फैक्ट्री में चार्जमैन के पद पर कार्यरत था, ने अपनी रिमांड अवधि के दौरान एटीएस के कई सवालों का गोलमोल जवाब देकर जांच अधिकारियों को उलझाने की कोशिश की। लेकिन अब एटीएस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया है और आगे की पड़ताल जारी रखी है। इस मामले को लेकर एटीएस अधिकारी अब पूरी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए और भी गहरी जांच कर रहे हैं। एटीएस ने तीन दिन पहले ही आगरा से रविन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया था, और उसने एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के अफसरों के सामने यह स्वीकार किया कि वह आईएसआई की महिला एजेंट, नेहा शर्मा, के संपर्क में था। इस महिला ने खुद को आईएसआई का एजेंट बताया था और उसने रविन्द्र को पैसे का लालच देकर कई गोपनीय जानकारी भेजने के लिए उकसाया था।

 रविन्द्र ने इस महिला को गगनयान मिशन की रिपोर्ट, लॉजिस्टिक ड्रोन के ट्रायल की रिपोर्ट और अन्य संवेदनशील जानकारियां भेजी थी। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को बढ़ा दिया है, क्योंकि यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यधिक संवेदनशील थी। कोर्ट ने एटीएस की अर्जी पर रविन्द्र की दो दिन की रिमांड स्वीकृत की थी, और रिमांड अवधि के दौरान एटीएस ने उसके मोबाइल से प्राप्त सुरागों के आधार पर कई सवाल पूछे। इस पूछताछ में रविन्द्र ने शुरू में अपनी संलिप्तता से इंकार किया, लेकिन जब फोरेंसिक विशेषज्ञों ने उसके मोबाइल से निकाली गई चैट्स को सामने रखा, तो उसने कई सवालों का सही-सही जवाब दिया। रविन्द्र के मोबाइल से प्राप्त चैट्स में आईएसआई के साथ उसकी बातचीत और भेजी गई गोपनीय जानकारियों का विवरण था, जिनका उसने पहले कोई उल्लेख नहीं किया था। अब एटीएस रविन्द्र के साथियों से पूछताछ करने की योजना बना रही है, जिन्हें मोबाइल की कॉल डिटेल्स के आधार पर चिन्हित किया गया है। 

एटीएस जल्द ही इन सहयोगियों से पूछताछ करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये कर्मचारी अप्रत्यक्ष रूप से रविन्द्र की मदद कर रहे थे या फिर इस गुनाह में उनका भी हाथ था। इसके अलावा, एटीएस यह भी जानने की कोशिश करेगी कि क्या यह पूरी योजना किसी बड़े आतंकवादी नेटवर्क का हिस्सा थी। सूत्रों के अनुसार, एटीएस इन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है, ताकि इस मामले के सभी पहलुओं को सही तरीके से उजागर किया जा सके।

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