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तुलसी गबार्ड ने खालिस्तान समर्थकों को दी चेतावनी, भारत-विरोधी तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई

यह उच्चस्तरीय बैठक इंटेलिजेंस चीफ्स के बीच समन्वय स्थापित करने और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई थी। इसमें 20 देशों के |

तुलसी गबार्ड ने खालिस्तान समर्थकों को दी चेतावनी, भारत-विरोधी तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई
फोटो: तुलसी गबार्ड ने खालिस्तान समर्थकों को दी चेतावनी, भारत-विरोधी तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) इस समय भारत दौरे पर हैं। वह 18 मार्च को राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले रायसीना डायलॉग 2024 में शिरकत करेंगी। लेकिन इससे पहले, उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में भाग लिया। इस गोपनीय बैठक में कई अहम सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

भारत विरोधी गतिविधियों पर रोक लगाने पर बनी सहमति


यह उच्चस्तरीय बैठक इंटेलिजेंस चीफ्स के बीच समन्वय स्थापित करने और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई थी। इसमें 20 देशों के खुफिया प्रमुखों ने भाग लिया। इस दौरान अजीत डोभाल ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को उठाया और इस बात पर जोर दिया कि विदेशी सरजमीं का उपयोग भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। बैठक के बाद इस बात पर आम सहमति बनी कि भारत और अमेरिका समेत अन्य देश एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करेंगे और अपनी जमीन का उपयोग किसी भी प्रकार की अस्थिरता फैलाने के लिए नहीं होने देंगे। 

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में भारत ने खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर भी चर्चा की, जो अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में बढ़ रही हैं। भारत ने इन देशों से आग्रह किया कि वे आतंकी संगठनों और उग्रवादी समूहों पर सख्त कार्रवाई करें ताकि उनके देश की जमीन का इस्तेमाल भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए न हो। अमेरिका ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और भारत की सुरक्षा चिंताओं को समझते हुए इंटेलिजेंस शेयरिंग (खुफिया जानकारी साझा करने) पर सहमति जताई।

इस बैठक के बाद अजीत डोभाल और तुलसी गबार्ड के बीच एक द्विपक्षीय वार्ता भी हुई, जिसमें भारत-अमेरिका के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बैठक बेहद गोपनीय रही और इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है।

रायसीना डायलॉग 2024 का भव्य आयोजन


भारत की राजधानी नई दिल्ली में 18 से 19 मार्च तक चलने वाले रायसीना डायलॉग का यह 10वां संस्करण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर 125 देशों के 3500 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन इस बार के मुख्य अतिथि (चीफ गेस्ट) होंगे और उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे। इस साल रायसीना डायलॉग का थीम “कालचक्र – पीपुल, पीस एंड प्लैनेट” रखा गया है, जिसका फोकस वैश्विक राजनीति, सुरक्षा रणनीतियों और आर्थिक नीतियों पर रहेगा। सम्मेलन के दौरान विश्वभर के शीर्ष राजनेता, कूटनीतिज्ञ, सुरक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत के दिग्गज आपसी विचार-विमर्श करेंगे और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

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