सैटेलाइट इमेजरी के जरिए यह खुलासा हुआ है कि पीएलए के कई प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है, जिनमें से सबसे चौंकाने वाला नया कमांड कॉम्प्लेक्स है। यह कमांड कॉम्प्लेक्स बीजिंग से लगभग 25-30 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण में निर्माणाधीन है। फाइनेंशियल टाइम्स ने जनवरी के अंत में इस परियोजना पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें बताया गया कि इसे युद्धकालीन कमांड और नियंत्रण केंद्र के रूप में डिजाइन किया गया है। यह केंद्र लगभग 1,500 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है, जो पेंटागन के आकार से दस गुना बड़ा है। सैटेलाइट इमेजरी से यह भी खुलासा हुआ है कि इस स्थान पर कई गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जिनमें बंकर बनाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बंकरों में ऐसे उपाय किए जा रहे हैं जो परमाणु हमले के दौरान भी सैनिकों को सुरक्षा प्रदान कर सकें।
कमांड कॉम्प्लेक्स के निर्माण के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य कमांड सेंटर बन जाएगा। कुछ विश्लेषकों और विशेषज्ञों का कहना है कि इसे "बीजिंग मिलिट्री सिटी" भी कहा जा सकता है, क्योंकि यह सैन्य गतिविधियों के लिए एक विशाल केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, चीन के सैन्य नियंत्रण और संचालन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हो सकती है, जिससे वह वैश्विक स्तर पर अपनी सैन्य ताकत को और अधिक सशक्त बना सकता है।
चीन की यह सैन्य तैयारी विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर सवाल खड़े कर रही है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब एशियाई क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। इस प्रकार की तैयारियों से यह प्रतीत होता है कि चीन अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ किसी भी संभावित सैन्य स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। यह चीन के विस्तारवादी दृष्टिकोण और उसके रणनीतिक हितों को लेकर दुनिया के अन्य देशों के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बन सकता है।
Read This Also:- Delhi Polls: झुग्गी बस्ती भाजपा के पक्ष में, सचदेवा ने कहा- दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने का मूड बन चुका है
Read This Also:- Delhi Polls: झुग्गी बस्ती भाजपा के पक्ष में, सचदेवा ने कहा- दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने का मूड बन चुका है





