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आतंकी हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन: पाकिस्तान पर पांच कड़े फैसले लागू

कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार |

आतंकी हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन: पाकिस्तान पर पांच कड़े फैसले लागू
फोटो: आतंकी हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन: पाकिस्तान पर पांच कड़े फैसले लागू
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल समेत शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

 बैठक के बाद भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का ऐलान किया है। यह निर्णय तब तक प्रभावी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के अपने समर्थन को विश्वसनीय और स्थायी रूप से नहीं त्यागता। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों को जारी सभी वीजा रद्द कर दिए हैं। SAARC वीजा छूट योजना (SVES) के तहत जारी सभी वीजा भी अमान्य घोषित कर दिए गए हैं। वर्तमान में भारत में मौजूद ऐसे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है।

भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया है। इन्हें एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से भी सैन्य अधिकारियों और पांच सहायक कर्मचारियों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। भारत ने अटारी-बाघा बॉर्डर को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। 

हालांकि जो पाकिस्तानी नागरिक पहले से वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ भारत में मौजूद हैं, उन्हें 1 मई 2025 तक वापसी की अनुमति दी गई है। साथ ही दोनों देशों के उच्चायोगों में तैनात कुल कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी TRF ने ली है। सरकार ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का स्पष्ट प्रमाण मानते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी समर्थन मांगा है।