प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया कि RSS समाज में सांप्रदायिक घृणा फैला रहा है और संविधान में बदलाव की बात करता है। उन्होंने कहा, "देश में नफरत कौन फैला रहा है? कौन सांप्रदायिक हिंसा के लिए जिम्मेदार है? RSS अपनी राजनीतिक शाखा बीजेपी से नहीं पूछता कि बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है या पहलगाम जैसे आतंकी हमले क्यों हो रहे हैं?"
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या प्रवर्तन निदेशालय (ED), इनकम टैक्स (IT) और अन्य जांच एजेंसियों का इस्तेमाल केवल विपक्ष के लिए हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि RSS की फंडिंग, इनकम सोर्स और गतिविधियों की जांच क्यों नहीं होती?
दरअसल, यह बयान उस समय आया जब बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाया। जवाब में प्रियांक खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बीजेपी नेतृत्व पर तंज कसा, "बीजेपी के कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम तक नहीं जानते। उनके लिए मोदी जी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और पंचायत सचिव – तीनों हैं।"
उन्होंने सूर्या को चुनौती देते हुए लिखा, "मैं तुम्हें चुनौती देता हूं कि ऊंची आवाज में कहो मुझे RSS की ज़रूरत नहीं है, मैं चुनाव जीत सकता हूं क्योंकि मोदी जी और नड्डा जी ही मेरे हाईकमान हैं।"
यह पहला मौका नहीं है जब प्रियांक खड़गे ने इस तरह का बयान दिया है। दो साल पहले भी उन्होंने कहा था कि अगर कोई संगठन राज्य में शांति भंग करता है या सांप्रदायिक तनाव फैलाता है, तो सरकार उसे बैन करने से पीछे नहीं हटेगी। कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल और PFI जैसे संगठनों पर कठोर कार्रवाई का वादा किया था।
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