37 देशों के नेताओं की शिखर बैठक और ट्रंप से उम्मीदें
जेलेंस्की ने सोमवार को राजधानी में एक शिखर सम्मेलन बुलाने की घोषणा की, जिसमें 37 देशों के नेता भाग लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूक्रेन के सहयोगी के रूप में देखना चाहेंगे, न कि केवल एक मध्यस्थ के रूप में। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन आएं। मैं उनसे मिलने के लिए अमेरिका जाने को भी पूरी तरह तैयार हूं।"
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जेलेंस्की चुनाव कराए बिना सत्ता में बने हुए हैं। यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से चुनाव नहीं हुए हैं, क्योंकि वहां मार्शल लॉ लागू है, जो चुनाव कराने पर प्रतिबंध लगाता है।
ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए जेलेंस्की ने कहा, "मैं इसे तारीफ नहीं मानता, लेकिन मुझे बुरा भी नहीं लगा। एक तानाशाह को बुरा लगेगा, लेकिन मैं तानाशाह नहीं हूं। मैं कानूनी रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति हूं।"
अमेरिकी अनुदान को कर्ज न समझा जाए – जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर भी बात की। उन्होंने कहा, "यूक्रेन को दी गई धनराशि को कर्ज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मैं जो बाइडेन और कांग्रेस से सहमत हूं कि यह अनुदान है, न कि उधार ली गई धनराशि।"
उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन को अब तक करीब 100 बिलियन डॉलर की सहायता मिली है, लेकिन इसे 500 बिलियन डॉलर जैसा कर्ज बताने की कोशिश गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं किसी ऐसी शर्त पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा, जिससे यूक्रेन की आने वाली दस पीढ़ियों को इसका बोझ उठाना पड़े। बातचीत के लिए मैं हमेशा तैयार हूं।"





