राहुल गांधी ने अपने बिहार दौरे के दौरान दरभंगा में आंबेडकर छात्रावास का अनुभव साझा करते हुए बताया कि छात्रों को बेहद कठिन हालात में पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने लिखा, “एक कमरे में 6-7 छात्र रहने को मजबूर हैं। शौचालय टूटे हुए हैं, पीने का पानी असुरक्षित है, भोजनालय की कोई सुविधा नहीं है और न ही पुस्तकालय या इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।”
उन्होंने छात्रवृत्तियों के वितरण में भी भारी अनियमितताओं की ओर इशारा किया। राहुल गांधी के अनुसार, बिहार में छात्रवृत्ति पोर्टल तीन वर्षों तक ठप रहा और 2021-22 में एक भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य से सीधा खिलवाड़ बताते हुए केंद्र सरकार से अपील की कि वह जल्द से जल्द इस मुद्दे पर संज्ञान ले और आवश्यक कदम उठाए।
पने पत्र में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह वंचित वर्गों के छात्रों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो महत्वपूर्ण कदम उठाएं-छात्रवृत्तियों के वितरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
छात्रावासों में आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।





