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ऑपरेशन सिंदूर पर रणनीति साझा करेगी सरकार, कल सर्वदलीय बैठक

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में यह जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक संसद परिसर के जी-074 समिति कक्ष में आयोजित |

ऑपरेशन सिंदूर पर रणनीति साझा करेगी सरकार, कल सर्वदलीय बैठक
फोटो: ऑपरेशन सिंदूर पर रणनीति साझा करेगी सरकार, कल सर्वदलीय बैठक
पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सटीक हमले किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने राजनीतिक दलों को कार्रवाई की जानकारी देने के लिए गुरुवार, 8 मई 2025 को सुबह 11 बजे संसद पुस्तकालय भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में यह जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक संसद परिसर के जी-074 समिति कक्ष में आयोजित की जाएगी। इससे पहले, कांग्रेस पार्टी ने बुधवार दोपहर 3 बजे 24 अकबर रोड स्थित कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठक बुलाई। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मौजूदा सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई है।


सरकारी ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव विक्रम मित्री ने बताया कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला "अत्यधिक बर्बर" था, जिसमें पीड़ितों को उनके परिजनों के सामने और बेहद करीब से सिर में गोली मारी गई। उन्होंने कहा कि यह हमला कश्मीर में सामान्य स्थिति को अस्थिर करने के मकसद से किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की खुफिया एजेंसियों को सीमा पार से और हमलों की आशंका है, जिससे निपटने के लिए समय पर और सटीक जवाबी कार्रवाई जरूरी थी। मित्री ने कहा, "हमारी कार्रवाई संयमित, आनुपातिक और जिम्मेदार थी, और इसका उद्देश्य केवल आतंकी ढांचे को खत्म करना था।"

विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने जानकारी दी कि कुल नौ आतंकी शिविरों को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर नष्ट किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी लक्ष्यों का चयन इस तरह किया गया था कि किसी भी नागरिक या बुनियादी ढांचे को नुकसान न पहुंचे। इस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने हमलों के वीडियो भी प्रस्तुत किए, जो दर्शाते हैं कि भारतीय सेना ने कितनी सटीकता से इन ऑपरेशनों को अंजाम दिया।

'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। यह ऑपरेशन विशेष रूप से लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया।