हिमंत सरमा का आरोप: "राष्ट्र के प्रति वफादारी सर्वोपरि"
असम के मुख्यमंत्री सरमा ने बुधवार को एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारियों को विदेशियों से शादी करने और अपने जीवनसाथी को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा,
"किसी सांसद के विदेशी जीवनसाथी को 12 वर्षों तक विदेशी नागरिकता बनाए रखने की अनुमति देना बहुत लंबा समय है। राष्ट्र के प्रति वफादारी को हमेशा सभी विचारों से ऊपर रखा जाना चाहिए।"
सरमा का यह बयान सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ गोगोई के अतीत में पाकिस्तान में काम करने से जुड़ी चिंताओं के बाद आया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2011 से 2015 के बीच एलिजाबेथ ने 'क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क' (CDKN) के तहत पाकिस्तान में भी काम किया था। बुधवार दोपहर, सरमा ने अपने आरोपों को और आगे बढ़ाते हुए लिखा,
"आईएसआई से संबंधों, युवाओं को ब्रेनवॉश करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तानी दूतावास ले जाने जैसे गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की जरूरत है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार क्यों किया गया?"
गौरव गोगोई का पलटवार: "यह चुनावी राजनीति है"
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इन आरोपों को हंसी में टालते हुए कहा कि यह सिर्फ चुनावी राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने पत्रकारों से कहा,
"आम तौर पर इस तरह की बातें चुनाव के करीब ही उठती हैं। जब मैं 2019 में जोरहाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहा था, तब भी ठीक एक महीने पहले यही सवाल उठाए गए थे—‘उसने विदेशी महिला से शादी क्यों की? क्या उसे असम में कोई लड़की नहीं मिली?’"
गोगोई ने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि इस बार चुनाव तो अभी दूर हैं, फिर भी यह मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत सरमा पर हमला बोलते हुए कहा,
"मुझे संदेह है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी आपको मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में भी चुनेगी या नहीं।"
Read This Also:- JPC रिपोर्ट पर कांग्रेस का हमला: खड़गे बोले- विपक्ष की आपत्तियां क्यों हटाई गईं?
Read This Also:- JPC रिपोर्ट पर कांग्रेस का हमला: खड़गे बोले- विपक्ष की आपत्तियां क्यों हटाई गईं?





