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पहलगाम हमले से लेकर संघर्ष विराम तक—विपक्ष ने संसद में चर्चा की उठाई मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की कि सरकार को तुरंत विशेष सत्र बुलाकर हालात पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा हम पहले से ही यह मांग कर रहे हैं

पहलगाम हमले से लेकर संघर्ष विराम तक—विपक्ष ने संसद में चर्चा की उठाई मांग
फोटो: पहलगाम हमले से लेकर संघर्ष विराम तक—विपक्ष ने संसद में चर्चा की उठाई मांग
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे तनाव और सैन्य टकराव के बाद शनिवार को संघर्ष विराम (सीजफायर) की घोषणा हुई। हालांकि सरकार के इस कदम पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने इसे लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है, ताकि देश की जनता को स्थिति की पूरी जानकारी मिल सके और आगे की रणनीति पर व्यापक चर्चा हो।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की कि सरकार को तुरंत विशेष सत्र बुलाकर हालात पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हम पहले से ही यह मांग कर रहे हैं कि संसद में चर्चा होनी चाहिए। देश को जानना चाहिए कि सरकार क्या कर रही है और आगे की दिशा क्या होगी।” ट्रंप के ट्वीट को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “युद्ध रुका, यह सकारात्मक बात है। ट्रंप ने किया या किसी और ने, इससे हमें मतलब नहीं है। हमने शुरू से सरकार को समर्थन देने की बात कही थी। बाकी मुद्दों पर समय आने पर बात होगी।”

राहुल गांधी ने पीएम को पत्र लिखकर की अपील


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की अपील की है। उन्होंने लिखा, “पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका द्वारा घोषित युद्धविराम जैसे मुद्दों पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए। यह हमारे लोकतंत्र और राष्ट्रीय संकल्प को सुदृढ़ करने का अवसर भी होगा।”

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी संसद के विशेष सत्र की मांग का समर्थन किया और कहा कि देश को अपनी सेना पर गर्व है। उन्होंने कहा, “हमने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री से अपील की है कि विशेष सत्र बुलाया जाए और हमारी सेना को सम्मानित किया जाए। सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है और वह इसके योग्य है।” कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी कहा, “22 अप्रैल से 10 मई के बीच जो घटनाक्रम हुआ है, उस पर चर्चा जरूरी है। हम पहले भी आतंकी हमले के बाद सत्र बुलाने की मांग कर चुके हैं। यह सत्र देश की सुरक्षा और रणनीति पर सामूहिक सोच दिखाने का मौका होगा।”

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों को मिसाइल हमलों से ध्वस्त कर दिया।