Molitics Logo
होम ‘चार वार, एक निशाना’- पीएम मोदी की विदेश नीति पर जयराम रमेश का तीखा हमला

‘चार वार, एक निशाना’- पीएम मोदी की विदेश नीति पर जयराम रमेश का तीखा हमला

जयराम रमेश के अनुसार, ट्रंप 10 मई 2025 से अब तक सार्वजनिक रूप से 25 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई।

‘चार वार, एक निशाना’- पीएम मोदी की विदेश नीति पर जयराम रमेश का तीखा हमला
फोटो: ‘चार वार, एक निशाना’- पीएम मोदी की विदेश नीति पर जयराम रमेश का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने एक बार फिर मोदी सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महसचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया कि बीते दो महीनों की घटनाओं ने प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक सफलता की मिथकीय छवि को पूरी तरह उजागर कर दिया है। रमेश ने चार बिंदुओं के जरिए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए  और अमेरिका-पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों को भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

 जयराम रमेश के चार मुख्य आरोप


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 10 मई 2025 से अब तक सार्वजनिक रूप से 25 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई। ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान को चेताया था कि युद्ध जारी रहा तो अमेरिका व्यापारिक संबंध खत्म कर देगा। 10 जून को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ "शानदार साझेदार" बताया। रमेश ने पूछा कि अगर पाकिस्तान इतना भरोसेमंद साझेदार है, तो भारत के सुरक्षा हितों की रक्षा कौन कर रहा है?

18 जून को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। रमेश ने इसे "चौंकाने वाला" बताया, क्योंकि उनके मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में मुनीर की भड़काऊ बयानबाजी प्रमुख कारण थी। 25 जुलाई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार से मुलाकात कर क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद विरोधी सहयोग के लिए पाकिस्तान को सार्वजनिक रूप से शुक्रिया किया। 

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम  मोदी की प्रचारित 'मोदी-ट्रंप दोस्ती' एक खोखली कथा साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश नीति में दिखावे, आत्ममुग्धता और ठोस रणनीति की कमी ने भारत की वैश्विक साख को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब 2020 में चीन को दी गई "क्लीन चिट" की कीमत चुका रहा है और हालात से साफ है कि सरकार की विदेश नीति अब प्रतिक्रियात्मक हो चुकी है।