गौरतलब है कि शुक्रवार को बिहार विधान परिषद में विपक्ष की महिला एमएलसी उर्मिला ठाकुर के सवाल से शुरू हुए विवाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए थे। उर्मिला ठाकुर ने सरकार से महिलाओं के मुद्दे पर सवाल पूछा था, जिस पर नीतीश कुमार ने अपना गुस्सा जाहिर किया। मुख्यमंत्री ने राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए कहा, "जब इनके पति जेल गए, तो इन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। ये लोग महिलाओं के लिए कभी कुछ नहीं करते।" नीतीश कुमार के इस बयान का संदर्भ उस समय से था, जब लालू प्रसाद यादव जेल गए थे और राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि "हमने महिलाओं के लिए बहुत काम किया है, लेकिन विपक्ष को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। ये लोग आज तक महिलाओं के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं।" उनके इस बयान के बाद तेजस्वी यादव ने भी तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "अब तो हमें तरस आता है।
मुख्यमंत्री की एक भाषा होती है, लेकिन अब यह साफ हो रहा है कि नीतीश कुमार बिहार संभालने के लिए सक्षम नहीं रहे हैं।" तेजस्वी ने यह भी कहा कि यह बयान दर्शाता है कि मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं और व्यक्तिगत हमलों के माध्यम से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार की टिप्पणी पर जवाब देते हुए यह भी कहा कि कीचड़ में उतर कर वह राजनीति नहीं करना चाहतीं। उनका कहना था कि यदि मुख्यमंत्री को इस तरह की बयानबाजी करनी है तो वह इस स्तर तक नहीं उतरेंगी। राबड़ी देवी का यह भी कहना था कि इस वक्त बिहार को एकजुटता और विकास की जरूरत है, न कि व्यक्तिगत हमलों और बयानबाजी की।
उनके अनुसार, जनता का समर्थन और विश्वास ही सबसे महत्वपूर्ण है, और इसके लिए आरजेडी आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से काम करेगी। राबड़ी देवी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे और उनका दल 2025 के चुनाव में जीत के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और उनकी सरकार बनने पर जनता के सभी वादों को पूरा किया जाएगा।
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