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‘असहज महसूस हो रहा है? आइये साथ मिलकर महाराष्ट्र में नयी सरकार बनाते है’- नाना पटोले का शिंदे और पवार को बड़ा प्रस्ताव

पटोले ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार को एक बड़ा प्रस्ताव दिया और उन्हें चुनौती दी कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में असहज |

‘असहज महसूस हो रहा है? आइये साथ मिलकर महाराष्ट्र में नयी सरकार बनाते है’- नाना पटोले का शिंदे और पवार को बड़ा प्रस्ताव
फोटो: ‘असहज महसूस हो रहा है? आइये साथ मिलकर महाराष्ट्र में नयी सरकार बनाते है’- नाना पटोले का शिंदे और पवार को बड़ा प्रस्ताव
महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने शुक्रवार को होली के अवसर पर एक विवादास्पद बयान दिया, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। पटोले ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार को एक बड़ा प्रस्ताव दिया और उन्हें चुनौती दी कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में असहज महसूस हो रहा है, तो वे बिना फडणवीस के सरकार बना सकते हैं। पटोले ने यह भी कहा कि कांग्रेस इस नए गठबंधन के लिए शिंदे और पवार के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। यह बयान महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में संभावित बदलाव की ओर इशारा करता है।

 पटोले ने कहा, "अगर देवेंद्र फडणवीस आपको परेशान कर रहे हैं, तो हम आपके साथ खड़े हो सकते हैं और एक नई सरकार बना सकते हैं।" उनका यह बयान होली के मौके पर हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया था, लेकिन इसके राजनीतिक मायने काफी गंभीर थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "बुरा न मानो, होली है," और इस मुद्दे पर विस्तार से बात करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने कहा, "मैं इस पर और कुछ नहीं बोलूंगा।" इससे पहले, पटोले ने शिंदे और पवार की आलोचना की थी, यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गठबंधन करने के बाद दोनों नेताओं का राजनीतिक दृष्टिकोण बदल गया है। उन्होंने कहा कि पहले ये नेता महाराष्ट्र के विकास के लिए पार्टी लाइन से ऊपर उठकर काम करते थे, लेकिन अब वे तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। पटोले ने उन्हें नकारात्मकता से बचने और जनता के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया। यह बयान उस समय आया है जब फडणवीस और उनके दो उप-मंत्रियों के बीच मतभेदों की खबरें सामने आई हैं, जिससे महायुति सरकार में दरार की अटकलें तेज हो गई हैं।

 कांग्रेस पार्टी के भीतर भी आंतरिक दरार की अफवाहें थीं, जिनका पटोले ने खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेस एकजुट है और आगामी चुनावों के लिए टिकट वितरण को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार की प्रशंसा की और कहा कि पार्टी के अंदर कोई विवाद नहीं है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने पटोले के बयान का जवाब देते हुए कहा कि पटोले को पहले अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र के नागरिकों ने महायुति को भारी जनादेश दिया है। पटोले को अपनी सकोली सीट पर ध्यान देना चाहिए और एक जिम्मेदार विपक्षी दल की भूमिका निभानी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि पटोले को पहले अपनी पार्टी के भीतर काम करना चाहिए और फिर अन्य दलों की राजनीति में हस्तक्षेप करना चाहिए। पटोले द्वारा शिंदे और पवार को दिए गए इस प्रस्ताव से यह साफ संकेत मिलता है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। 

कांग्रेस ने यह प्रस्ताव देकर यह दिखा दिया कि वह राज्य के आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह प्रस्ताव महायुति सरकार में बढ़ते तनाव को उजागर करता है और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ ला सकता है। इस पूरे घटनाक्रम से यह भी संकेत मिलता है कि कांग्रेस आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए किसी भी अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है।

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