IDF का कहना है कि ईरान ने अब तक पर्याप्त मात्रा में यूरेनियम जमा कर लिया है, जिससे वह परमाणु बम बना सकता है। इसी खतरे को टालने के लिए यह 'सावधानीपूर्वक और रणनीतिक हमला' किया गया है। हमले के बाद पूरे इजरायल में वॉर्निंग सायरन बजा दिए गए हैं, जबकि देश में आपातकाल जैसी स्थिति लागू कर दी गई है।
तेहरान के कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर धमाकों के वीडियो साझा किए हैं। सरकारी टेलीविजन ने भी धमाकों की पुष्टि की है, हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इजरायली हमले से वास्तविक नुकसान कितना हुआ है और किन ठिकानों को निशाना बनाया गया। पश्चिमी तेहरान के चिटगर इलाके से धुआं उठता देखा गया है। कुछ अन्य इलाकों में भी हमले की खबरें हैं।
अमेरिका ने बनाई दूरी, कहा- इस हमले में शामिल नहीं
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने देश में आपातकाल की विशेष स्थिति की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की ओर से जवाबी मिसाइल या ड्रोन हमले की आशंका है। सुरक्षा कारणों के चलते इजरायल ने अपने हवाई क्षेत्र को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
वहीं, अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका इस हमले में शामिल नहीं है और न ही इस योजना का हिस्सा रहा है।





