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Exit Poll: इशारों में फिर स्वाति मालिवाल के निशाने पर AAP, क्या BJP की जीत का दे रही हैं संकेत

5 फरवरी को दिल्ली में वोटिंग के बाद शाम को आए एग्जिट पोल के नतीजे आम आदमी पार्टी के लिए बेहद निराशाजनक रहे हैं। यदि ये अनुमान असल परिणामों में बदलते हैं, |

Exit Poll: इशारों में फिर स्वाति मालिवाल के निशाने पर AAP, क्या BJP की जीत का दे रही हैं संकेत
फोटो: Swati Maliwal, Delhi Assembly, BJP
5 फरवरी को दिल्ली में वोटिंग के बाद शाम को आए एग्जिट पोल के नतीजे आम आदमी पार्टी के लिए बेहद निराशाजनक रहे हैं। यदि ये अनुमान असल परिणामों में बदलते हैं, तो दिल्ली में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन सकती है, और पहली बार आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच, अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अक्सर मुखर रहने वाली स्वाति मालीवाल ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा कि चाहे जिस भी पार्टी की सरकार बने, वह दिल्ली के लिए काम करेगी क्योंकि दिल्ली की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और उसे तत्काल सुधारने की जरूरत है। 

 स्वाति मालीवाल ने एग्जिट पोल्स के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी। हमें असल परिणामों का इंतजार करना चाहिए, जो 8 फरवरी को सामने आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के लोग पूरी तरह से जागरूक हैं और वे समझते हैं कि किसे वोट देना चाहिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि उन्होंने उन नेताओं को चुना है जो सच में दिल्ली के लिए काम कर सकते हैं और समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने की क्षमता रखते हैं। स्वाति मालीवाल ने आगे कहा कि हमें एग्जिट पोल्स के नतीजों पर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ये सही या गलत हो सकते हैं। असल नतीजों का इंतजार करना चाहिए, और उस वक्त ही हम सही स्थिति का मूल्यांकन कर सकेंगे। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए यह भी कहा कि दिल्लीवालों ने अपनी समस्याओं का समाधान देने वाली सरकार को चुना है। 

 स्वाति मालीवाल ने दिल्ली की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि दिल्ली की हालत आज बेहद खराब हो चुकी है। सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं, नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं, और लोगों के घरों में गंदा पानी भर रहा है। यमुना नदी की सफाई का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है, और दिल्ली में हर जगह कूड़ा पड़ा हुआ है। ये सभी मुद्दे इतने गंभीर हैं कि दिल्ली के लोगों ने इन्हें ध्यान में रखते हुए अपने वोट डाले होंगे। दिल्ली में नागरिक सुविधाओं का अभाव और बुनियादी ढांचे की खस्ताहाली ने लोगों को मजबूर कर दिया है कि वे ऐसे नेताओं को चुनें, जो इन समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

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